दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने ने नया सियासी मोड़ ले लिया है। एक तरफ जहां उपराज्यपाल अनिल बैजल इस धरने को तवज्जो नहीं दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शनिवार को दिल्ली पहुंचे चार राज्यों के मुख्यमंत्री ने बैठक कर उन्हें अपना समर्थन दिया है। इससे पहले भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी पूर्ण राज्य की मांग को लेकर केजरीवाल के पक्ष में अपना ट्वीट किया है।
सीएम केजरीवाल ने रविवार सुबह ट्वीट करते हुए कहा, 'जो प्रधानमंत्री किसी राज्य में अफ़सरों की हड़ताल करवा के वहां का काम-काज ठप करता है, क्या ऐसे प्रधानमंत्री के हाथों में देश का लोकतंत्र सुरक्षित है?'
शनिवार को दिल्ली पहुंचकर आंध्र भवन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी ने बैठक की। वहीं, उपराज्यपाल कार्यालय में धरने पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए औपचारिक चिट्ठी के जरिए इजाजत भी मांगी।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि अरविंद केजरीवाल से किसी को नहीं मिलने दिया जा रहा है। देर रात चारों राज्यों के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पहुंचे और उनके परिजनों से बातचीत की। एलजी हाउस जाकर वहां पर केजरीवाल से मुलाकात भी संभव है। सूत्रों के मुताबिक, सभी मुख्यमंत्री एलजी से केजरीवाल की मांगें मानने को लेकर अपील या मार्च कर सकते हैं।