प्रदेश के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी ने आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के एक मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण शशिकांत उपाध्याय की कोर्ट में समर्पण कर दिया। कोर्ट ने आरोपी की ओर से दी गई जमानत अर्जी पर अभियोजन की ओर से आपत्ति के लिए समय मांगे जाने पर दो नवंबर को जमानत पर नियमित सुनवाई की तारीख मुकर्रर की है। साथ ही, आरोपी पूर्व मंत्री को एक लाख के व्यक्तिगत बंध पत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
अभियोजन के मुताबिक सतर्कता अधिष्ठान ने इलाहाबाद के मुठ्ठीगंज थाने में 18 जून 2013 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी की मई 2007 से दिसंबर 2011 तक कुल अर्जित आय 45 लाख 82 हजार 215 रुपये थी जबकि उन्होंने एक करोड़ 81 लाख 20 हजार रुपए खर्च किए, जो अर्जित आय से 295 फीसदी ज्यादा रकम थी।
इस तरह एक करोड़ 35 लाख 38 हजार रुपये का भ्रष्टाचार पाते हुए 14 मार्च 2016 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई। इस पर बीते 23 सितंबर को हाईकोर्ट ने 30 दिन के भीतर राकेशधर त्रिपाठी को संबंधित कोर्ट में समर्पण का आदेश दिया था। इसी क्रम में अधिवक्ता देवेंद्र प्रताप सिंह के जरिये कोर्ट में पूर्व मंत्री ने बुधवार को समर्पण किया।