टाटा फाइनेंस के पूर्व एमडी दिलीप सुधारक पेंडसे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। दिलीप 61 साल के थे। पुलिस के मुताबिक पेंडसे ने दादर पूर्व स्थित अपने घर पर फांसी लगा ली। 2001 में पेंडसे को भ्रष्टाचार के चलते टाटा फाइनेंस से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।
उनके खिलाफ आपराधिक मामला भी दर्ज कराया गया था। आत्महत्या की जानकारी मिलते ही पुलिस पेंडसे के घर पहुंची और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पारिवारिक कारणों को हत्या की वजह माना जा रहा है। हालांकि पेंडसे ने आत्महत्या क्यों की इस बारे में पुख्ता तौर पर फिलहाल कुछ नहीं पता चला है।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इसके पहले टाटा मोटर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्ल स्लिम ने 2014 में और टाटा स्टील के पूर्व प्रवक्ता चारू देश पांडे ने 2013 में आत्महत्या कर ली थी। पेंडसे को दिल्ली पुलिस ने फरवरी 2003 में 2 करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में शामिल होने के चलते गिरफ्तार कर लिया था।
अक्तूबर 2014 में पेंडसे को सेबी ने अवैध व्यापार का दोषी पाया और पूंजी बाजार के प्रयोग से 2 साल के लिए बैन कर दिया था।