भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और वरिष्ठ नेता अरविंद मेनन शुक्रवार को केरल में शादी के बंधन में बंध गए। एक सप्ताह पहले ही उन्होंने सगाई थी। शादी के बाद ट्वीट कर उन्होंने कहा, 'पित्रों के आशीर्वाद से केरल के गुरुवायुर मंदिर में भगवान गुरुवायुर अप्पन को साक्षी मानकर आज गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर लिया है। इस मौके पर मैं आप सभी महानुभावों के स्नेह व आशीर्वाद का भी आकांक्षी रहुंगा।'
आरएसएस की पृष्ठिभूमि से आने वाले मेनन ने मध्यप्रदेश में 15 साल संगठन में काम किया है। संघ में कार्य करते हुए उन्हें संगठन में काम करने का अच्छा अनुभव है। पश्चिम बंगाल में भी भाजपा को मजबूती देने में मेनन का अहम योगदान रहा है। उन्हें भाजपा की ओर से उत्तरी बंगाल में फोकस करने को कहा गया था। मेनन मलयाली, बंगाली, हिंदी, भोजपुरी और अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ रखते हैं।
मूलतया केरल के रहने वाले अरविंद मेनन की शुरुआती परवरिश यूपी के वाराणासी में हुई। भाजपा ने उन्हें संगठन की गतिविधियों को देखने और पार्टी को विस्तार देने के लिए 2003 में इंदौर भेजा था। साल 2002-03 में इंदौर में बतौर संगठन में पदाधिकारी के रुप में कार्य किया। 2006 में मेनन को प्रदेश के महाकौशल प्रांत का सह संगठन मंत्री भी बनाया गया।
चार साल बाद 2010-11 में माखन सिंह को हटाकर मेनन को मध्यप्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी दे दी गई। मेनन ने करीब 13 साल संगठन का काम किया। उन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बेहद करीबी माना जाता रहा है। संगठन महामंत्री पद से मेनन को साल 2016 में कार्यमुक्त किया गया था। मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी मेनन को बधाई दी हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा 'मेनन जी जी को परिणय सूत्र में बंधने पर हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और ईश्वर से आपके सुखी और सफल वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं।'
हाल ही में भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयर्गीय के साथ मेनन को पश्चिम बंगाल के सह प्रभारी के रुप में तैनात किया था। चुनाव के दौरान हुई हिंसा में मेनन को गंभीर रुप से चोटें भी आई थीं। जिसके बाद वे कुछ दिनों के बंगाल में अस्पताल में भर्ती भी थे।
बंगाल चुनाव के दौरान मेनन को एक बार बड़ी शर्मिंदगी भी झेलनी पढ़ी थी। चुनावी सभा में संबोधन के दौरान उनकी की जुबान फिसल गई और वो बोल गए की इस चुनाव में बंगाल से भाजपा का सफाया हो जाएगा। पश्चिम बंगाल से पहले मेनन ने पूर्वी बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात (2017) और उत्तर प्रदेश में काम किया है और पर्दे के पीछे रहकर अपने काम को बखूबी अंजाम दिया है।