पंजाब के पूर्व डीजीपी दिनकर गुप्ता ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक के रूप में पदभार संभाला। पंजाब कैडर के 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी गुप्ता ने एक साल से अधिक समय के बाद एजेंसी के पूर्णकालिक प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया है। सीआरपीएफ प्रमुख कुलदीप सिंह मई से वाई.सी. मोदी की सेवानिवृत्ति के बाद से अतिरिक्त प्रभार के रूप में पद को संभाल रहे थे। पंजाब पुलिस प्रमुख बनने से पहले गुप्ता ने एक इकाई का नेतृत्व किया, जहां उन्होंने सीधे पंजाब स्टेट इंटेलिजेंस विंग, स्टेट एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड और ऑर्गनाइज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट की निगरानी की।
दिनकर गुप्ता पंजाब में खुफिया-आधारित आतंक विरोधी अभियानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 50 से ज्यादा आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित अभियानों का नेतृत्व किया है। गुप्ता ने 2019 से अक्टूबर 2021 तक पंजाब के डीजीपी के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल के दौरान प्रमुख गैंगस्टरों का सफाया किया गया था।
डीजीपी तैनात होने से पहले गुप्ता डीजीपी इंटेलीजेंस, पंजाब के रूप में तैनात रहे जिसमें पंजाब स्टेट इंटेलीजेंस विंग की सीधी निगरानी शामिल थी। राज्य के आतंक निरोधी दस्ते और संगठित अपराध नियंत्रित इकाई का भी उन्होंने नेतृत्व किया। उन्होंने 2004 से जुलाई 2012 तक गहमंत्रालय के साथ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आठ साल तक काम किया जिसमें उन्होंने गृहमंत्रालय के गणमान्य सुरक्षा प्रभाग का नेतृत्व करने जैसे कई संवेदनशील कार्य किए।
दिनकर गुप्ता ने पंजाब में आतंकवाद के चरण के दौरान सात साल से अधिक समय तक लुधियाना, जालंधर और होशियारपुर जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (जिला पुलिस प्रमुख) के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2004 तक डीआईजी जालंधर रेंज, डीआईजी लुधियाना रेंज, डीआईजी काउंटर इंटेलीजेंस के रूप में कम किया।
गुप्ता को असाधारण साहस विशिष्ट वीरता और उच्च कोटि के कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए 1942 में पुलिस पदक और 1994 में बार टू पुलिस से अलंकृत किया गया। राष्ट्रपति द्वारा सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक और विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी उन्हें 2011 में सम्मानित किया जा चुका है। वह 2000-2001 में जॉर्ज वॉशिंटन यूनिवर्सिटी और अमेरिकी विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर रहे हैं।
पंजाब के डीजीपी के पद पर काम करते हुए उन्होंने अपनी पत्नी विनी महाजन के अधीन भी काम किया। विनी महाजन को कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया था।