पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा पाकिस्तान मसले का हल हमेशा के लिए करना चाहते थे। इसको लेकर पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ से उनकी फोन पर बात भी हुई थी, लेकिन शरीफ से मुलाकात नहीं हो पाई और उनकी सरकार गिर गई।
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की जीवन पर पत्रकार सुगाता श्रीनिवासराजू की किताब ‘फरोज इन ए फील्ड: द अनएक्सप्लोर्ड लाइफ ऑफ एचडी देवेगौड़ा’ में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से उनकी अधूरी रह गई मुलाकात का खुलासा किया गया है। इसमें पत्रकार सुगाता श्रीनिवासराजू ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा पाकिस्तान मसले का हल हमेशा के लिए करना चाहते थे। इसको लेकर पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ से उनकी फोन पर बात भी हुई थी। लेकिन शरीफ से मुलाकात नहीं हो पाई और उनकी सरकार गिर गई।
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नवाज शरीफ से करना चाहते थे मुलाकात
पूर्व पीएम देवेगौड़ा ने अपने ईएनटी सर्जन डॉ एलएच हीरानंदानी को अपने और शरीफ के बीच हुई इस गुप्त बातचीत के बार में बताया था और वह मुलाकात में इनको साथ रखना चाहते थे। सुगाता को दिए एक साक्षात्कार में दिवंगत डॉक्टर ने यह जानकारी दी थी। पद्म भूषण से सम्मानित हीरानंदानी ने 1985 के दौरान देवेगौड़ा का इलाज किया था जब उन्हें बोलने में दिक्कत होनी शुरू हुई थी।
हीरानंदानी के हवाले से किताब में जिक्र है, जब गौड़ा पीएम थे, एक दिन उनका फोन आया और मुझसे मिलने की इच्छा जताई। वह मेरे नियमित मरीज थे। मैंने उनसे पूछा कि वह बंबई कब आ रहे। तब देवेगौड़ा ने कोई अन्य काम के बारे में बताया और कहा कि बेहतर होगा हम दिल्ली में मिलें। हीरानंदानी मोहम्मद अली जिन्ना, शेख अब्दुल्ला समेत फिल्म और राजनीति के कई बड़े वीवीआई दिग्गजों का इलाज कर चुके थे। इसके अलावा शरीफ के पिता से उनके अच्छे रिश्ते भी थे। देवेगौड़ा ये दोनों बातें जानते थे और इसलिए उन्होंने सोचा कि शरीफ से मुलाकात में हीरानंदानी को साथ रखने के फायदे हो सकते हैं। किताब के मुताबिक हीरानंदानी कहते हैं, मैं दिल्ली गया और उनसे मुलाकात की।
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उन्होंने बताया कि वह भारत पाकिस्तान विवाद को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं। मैंने पूछा कि मैं इसमें क्या भूमिका निभा सकता हूं। उन्होंने कहा, मुझे पाकिस्तान में काफी सम्मान की नजर से देखा जाता है। इसलिए मैं इसमें उनकी मदद करूं।