1991-2000 तक भगवा पार्टी में कई पदों पर किया काम
अपने शुरुआती दिनों में मैत्रेयन आरएसएस के सदस्य थे। 1991 में मैत्रेयन तमिलनाडु में भाजपा के कार्यकारी सदस्य बने। 1995 से 1997 तक उन्होंने भाजपा की तमिलनाडु इकाई के महासचिव के रूप में काम किया। 2000 में पार्टी से इस्तीफा देने से पहले उन्होंने पार्टी में कई उच्च पदों पर काम किया।
पलानीस्वामी ने लगाया था पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप
उसी साल वह अन्नाद्रमुक में शामिल हो गए। उन्होंने कई बार अन्नाद्रमुक से राज्यसभा के सदस्य के रूप में काम किया। हालांकि, उन्हें 2022 में अन्नाद्रमुक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया था। अन्नाद्रमुक महासचिव पलानीस्वामी ने मैत्रेयन की 'पार्टी विरोधी गतिविधियों और पार्टी को बदनाम करने के प्रयासों' का हवाला देते हुए उन्हें पद से हटा दिया था। मैत्रेयन निष्कासन से पहले अन्नाद्रमुक के संगठन सचिव थे।
मैत्रेयन का जन्म 21 नवंबर 1955 को हुआ था। उन्होंने मद्रास में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। बाद में उन्होंने नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाई की। उन्होंने मद्रास मेडिकल कॉलेज से मेडिकल ऑन्कोलॉजी में एमडी और चेन्नई के कैंसर इंस्टीट्यूट से मेडिकल ऑन्कोलॉजी में डीएम किया।