70 के दशक से ही राजनीति का सफर शुरू करने वाले देशमुख ने 1992 में जिला परिषद का चुनाव जीता था। 1995 में जब उन्होंने निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता था। उस समय महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की गठबंधन की सरकार थी। उस वक्त देशमुख गठबंधन सरकार के साथ हो लिए थे और गठबंधन की सरकार में पहली बार मंत्री बने थे।
रिश्वत व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (71) को आखिरकार सोमवार देर रात प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले ईडी ने देशमुख आठ घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। देशमुख सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे दक्षिण मुंबई के बेलार्ड एस्टेट स्थित ईडी के दफ्तर पहुंचे। उसके बाद ईडी के सहायक निदेशक तासीन सुल्तान और उनकी टीम देशमुख से लगातार पूछताछ की।
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रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग मामला उस समय सुर्खियों में आया जब मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने देशमुख के खिलाफ जबरन वसूली के सनसनीखेज आरोप लगाए थे। आइए, महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर देने वाले इस मामले से संबंधित घटनाओं को एक टाइमलाइन के माध्यम से समझते हैं।
जबरन वसूली मामले की टाइम लाइन
मार्च 2021: मुंबई के पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर एनसीपी नेता अनिल देशमुख के खिलाफ जबरन वसूली का आरोप लगाया, जो उस समय राज्य के गृह मंत्री थे। सिंह ने आरोप लगाया कि राकांपा नेता ने निलंबित एपीआई सचिन वाजे को मुंबई में 1750 बार, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठानों से प्रति माह 100 करोड़ रुपये निकालने के लिए कहा था।
5 अप्रैल 2021: महाराष्ट्र के गृह मंत्री के रूप में कार्यरत एनसीपी नेता अनिल देशमुख ने बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ मुंबई के पूर्व सीपी परमबीर सिंह के आरोपों की सीबीआई प्रारंभिक जांच के आदेश दिए जाने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था।
10 मई 2021: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल देशमुख के खिलाफ मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दायर की।
25 जून 2021: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले से संबंधित पूछताछ के लिए अनिल देशमुख को समन जारी किया। हालांकि, देशमुख पेश नहीं हुए।
29 जून 2021: एजेंसी ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री को एक बार फिर तलब किया। इस बार भी देशमुख पेश नहीं हुए।
05 जुलाई 2021: अनिल देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा की मांग की और इसके जरिए तीसरी बार ईडी के समन को टाला।
16 जुलाई 2021: अनिल देशमुख चौथी बार ईडी का समन मिलने पर भी पेश नहीं हुए।
17 अगस्त 2021: प्रवर्तन निदेशालय ने पांचवीं बार अनिल देशमुख को तलब किया।
02 सितंबर 2021: अनिल देशमुख ने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर कर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा उनके खिलाफ जारी किए गए समन को रद्द करने की मांग की।
29 अक्तूबर 2021: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख द्वारा ईडी द्वारा उन्हें जारी किए गए समन को रद्द करने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया।
01 नवंबर 2021: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए। करीब आठ घंटे से अधिक समय तक चली इस पूछताछ के बाद देर रात देशमुख को गिरफ्तार कर लिया गया।