वन विभाग ने एनसीईआरटी के अरविंदो रोड स्थित परिसर में बिना इजाजत के पांच पेड़ों को काटने और 33 पेड़ों की छंटाई करने के लिए पांच लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया है।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सात अगस्त को एक एनजीओ द्वारा की गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए वन रेंजर्स की एक टीम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के परिसर का दौरा करने के लिए गई थी और पाया कि पांच पेड़ों को काटा गया है और 33 पेड़ों की छंटाई की गई है।
दिल्ली वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत पेड़ों को काटना और यहां तक कि पेड़ों की छंटाई करने के लिए अनुमति की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी ने पेड़ काटने और छंटाई करने की अनुमति के लिए आवेदन किया था, लेकिन वन विभाग उसके आवेदन को देखता, इससे पहले ही पेड़ों की छंटाई कर दी गई और कुछ को काट दिया गया।
अधिकारी ने बताया कि परिसर का दौरा करने वाले वन रेंजर्स ने आठ अगस्त को एक रिपोर्ट जमा कराई। इसके बाद पेड़ काटने के लिए एनसीईआरटी के रजिस्टार पर पांच लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाने का निर्णय किया गया। मामले को निपटा दिया गया है।
शिकायतकर्ता वी खन्ना ने कहा कि जुर्माना सब के लिए एक सबक होना चाहिए। बहरहाल, एनसीईआरटी ने दावा किया कि पेड़ राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान के ‘कब्जे’ के तहत काटे गए हैं जो अलग संस्था है। दिल्ली में विभिन्न एनजीओ और नागरिकों ने पेड़ों को काटने के विरोध में एक आंदोलन चलाया था।