एएसडीएमए के मुताबिक, प्रशासन ने पांच जिलों में 14 राहत कैंप लगाए हैं। यहां 2091 लोगों ने शरण ली हुई है जबकि पांच जिलों में 17 राहत वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं।इसने बताया कि सेना, अर्धसैन्य बल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं, प्रशासन, एनजीओ और स्थानीय लोगों ने विभिन्न जगहों से 1280 लोगों को सुरक्षित बचाया है। 780 गांवों में बाढ़ का पानी भरा है जबकि राज्य में बाढ़ के चलते 10,591.85 हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है।
बक्सा, बारपेटा, सोनितपुर, धुबरी, डिब्रूगढ़, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नागांव, दक्षिण सलमारा और उदलगुड़ी में बड़े पैमाने पर कटाव देखा गया।दीमा हसाओ और कामरूप मेट्रोपॉलिटन ने भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं की सूचना दी है। बक्सा, नलबाड़ी, बारपेटा, सोनितपुर, बोंगईगांव, दरांग, चिरांग, धुबरी, गोलपारा, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर, नागांव, उदलगुड़ी, धेमाजी और माजुली में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
बारपेटा, दरांग, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कोकराझार और नलबाड़ी जिलों में कई स्थानों पर शहरी इलाके जलमग्न हो गए। एएसडीएमए ने कहा कि ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियां रोड ब्रिज पर बेकी, एनटी रोड क्रॉसिंग पर पगलादिया और एनएच रोड क्रॉसिंग पर पुथिमारी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए अगले कुछ दिनों में कई जिलों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है। विभाग ने कहा, अगले दो दिनों के दौरान बंगाल की खाड़ी से पूर्वोत्तर भारत की ओर तेज निम्न स्तरीय दक्षिण/दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण नमी रहने की संभावना है। गुवाहाटी में आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने कहा, 'इसके प्रभाव से अगले दो दिनों के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है और उसके बाद धीरे-धीरे इसमें कमी आने की संभावना है।'
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री चौधरी कहा, आज मैंने संबंधित विभागों के अधिकारियों और स्थानीय बाजारों के प्रतिनिधियों के साथ भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के स्टॉक की समीक्षा करने के लिए एक बैठक की। ऐसा लगता है कि स्टॉक संतोषजनक स्तर पर है, लेकिन यह एक तथ्य है कि सोनापुर में भूस्खलन से आपूर्ति श्रृंखला 'थोड़ी' प्रभावित हुई है। चौधरी ने कहा कि उन्होंने व्यापारियों को निर्देश दिया कि वे स्थिति का फायदा उठाते हुए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि न करें।