बड़ी कंपनियां हर साल कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्रों को नौकरियां देती हैं। नौकरी देने के लिए कंपनियां कैम्पस प्लेसमेंट के लिए आती हैं। आईआईएम और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कंपनियों की भरमार रहती है, लेकिन इस बार आईआईएम में एक विवाद खड़ा हो गया है।
ई-कॉमर्स की जानी-मानी कंपनी फ्लिपकार्ट ने आईआईएम अहमदाबाद के छात्रों को नौकरी देने के बाद ज्वाइनिंग की निश्चित तारीख नहीं बताई है। फ्लिपकार्ट ने जिन छात्रों को नौकरी दी उन्हें जून में ज्वाइन करना था, लेकिन अब फ्लिपकार्ट ने कंपनी में कुछ बदलाव की बात कहते हुए छात्रों को दिसंबर से ज्वाइन करने के लिए कहा है।
आईआईएम अहमदाबाद ने फ्लिपकार्ट के सीईओ बिन्नी बंसल को तल्ख शब्दों में एक ईमेल भी भेजा था। ईमेल में लिखा था कि ज्वाइनिंग की तारीख आगे बढ़ाने के बदले दिया जाने वाला मुआवजा सिर्फ 1.5 लाख है, जो कि बहुत ही कम है। साथ ही पूछा गया कि क्या फ्लिपकार्ट इस बात की गारंटी देती है कि जब ज्वाइनिंग की तारीख तय हो जाएगी तब छात्रों के पास फ्लिपकार्ट की जॉब रहेगी।
आईआईएम अहमदाबाद ने फ्लिपकार्ट को भेजे गए ईमेल में कहा है कि, 'छात्रों ने फ्लिपकार्ट में जॉब करने के लिए अन्य प्रतिष्ठित कंपनियों के जॉब ऑफर को अस्वीकार कर दिया था।' ईमेल में कहा आगे कहा गया है, 'ज्वाइनिंग की तारीख करीब आने के बाद छात्रों की ज्वाइनिंग की तारीख आगे बढ़ाने से आईआईएम अहमदाबाद के छात्र ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।'
आईआईएम अहमदाबाद प्लेसमेंट चेयरपर्सन आशा कौल ने कहा, 'हमने फ्लिपकार्ट से कहा है कि अगले कुछ दिनों में एक मीटिंग बुलाकर इस मुद्दे का आपसी सहयोग से स्वीकार्य समाधान निकाला जाए।'
इस ईमेल के जवाब में फ्लिपकार्ट ने स्पष्टीकरण देते हुए अपनी वेबसाइट पर एक ब्लॉग पोस्ट किया है, जिसका शीर्षक है- 'फ्लिपकार्ट ने छात्रों की ज्वाइनिंग की तरीख क्यों बढ़ाई?'
इस ब्लॉग में लिखा है- एक ऑर्गेनाइजेशन की तरह यह निर्णय लेना काफी मुश्किल था। हम समझते हैं कि कुछ समय के लिए यह निर्णय छात्रों को निराश कर सकता है, लेकिन हमारा मानना है कि यह जरूरी है कि हम नए ज्वाइन किए हुए छात्रों को ऐसे माहौल में लाएं जो सीखने और संपूर्ण विकास के लिए अच्छा हो।