केरल से गायब होने वाले 15 मुस्लिमों को लेकर नई बात सामने आ रही है। खुफिया एजेंसियों की मानें तो साल भर पहले ही गायब हुए लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। उन्हें हिंदू और ईसाई से मुसलमान बनाया गया था। इससे पहले इन लोगों के घरवालों ने आशंका जताई थी कि उनके बच्चे आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के बहकावे में आकर आतंकी न बन गए हैं।
गायब हुए लोगों के धर्म परिवर्तन के बारे में खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है।
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक साल भर पहले ही केरल से गायब हुए 15 मुस्लिमों में से एक अफगानिस्तान में था, तो दूसरा भारत में ही कहीं छिपा था।
कुलमिलाकर पांच शादीशुदा जोड़े गायब चल रहे हैं। गायब लोगों में निमिषा और अलियास फातिमा भी हिंदू बताई जा रही हैं, जो कि तिरुवनंतपुरम की रहने वाली हैं और एक डेंटल कॉलेज की स्टूडेंट हैं। ये लड़कियां पिछले साल नवंबर में मुस्लिम बन गई थीं।
बेटी को कोर्ट में मुस्लिम लिबास में देखा तो मां दंग रह गई
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक मर्लिन, आलियास मरियम कोच्चि में रहने वाली क्रिश्चियन थीं। दोनों बीते साल मुंबई में आईबीएम के साथ काम कर रही थीं। दोनों ने इस्लाम कबूल कर लिया था।
निमिषा और मर्लिन दोनों दो भाईयों को ब्याही थीं। पलक्कड़ की ईस्सा और याहिया भी क्रिश्चियन थीं जो बाद में धर्म बदलकर इस्लाम में चली गई थीं। उनके पिता ने शनिवार को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सोनिया, अलियास आयशा इंजीनियरिंग से ग्रेजुएट हैं। सोनिया एक साल से अपने पति इंजीनियर अब्दुल रशीद और दो साल की बेटी सारा के साथ नदारद हैं।
निमिषा की मां बिंदू के मुताबिक उनकी बेटी पिछले साल नवंबर में कॉलेज से गायब हो गई थी। उन्होंने जब पुलिस में शिकायत की तो निमिषा लोकल कोर्ट में हाजिर हुई। बिंदू के मुताबिक उस वक्त वो हैरान रह गई जब अपने बेटी को मुस्लिम वेश-भूषा में देखा।
'आप चाहे तो यहां आकर हमारे साथ शामिल हो सकते हैं'
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इससे पहले केरल के कासारागॉड और पलक्कड़ जिले से पांच युवतियों समेत 15 लोगों के गायब होने की खबर आई थी। ये सभी पिछले महीने मध्य एशिया पढ़ने गए थे और तब से इनका कोई पता नहीं चल पा रहा था। परिवार वालों को शक है कि कहीं ये युवा आईएसआईएस में न शामिल हो गए हों।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इस मामले की जांच के आदेश पुलिस को जल्द से जल्द करने के दे दिए हैं। इन युवाओं के परिवार वालों को अपने बच्चों की पिछले एक माह से कोई खोज-खबर नहीं मिल पाई है। अब उन्हें डर सता रहा है कि कहीं उन्हें भड़का कर आईएसआईएस का हिस्सा न बना लिया गया हो।
कासारागॉड जिले के पंचायत सदस्य वी पी पी मुस्तफा ने बताया कि ईद के दौरान दो लापता हुए युवाओं के माता-पिता को व्हॉट्सऐप संदेश आया कि वो वापस नहीं आ रहे हैं। यह एक दैवीय नियम है और आप चाहे तो यहां आकर हमारे साथ शामिल हो सकते हैं।
'बेटे आतंकी बना तो मैं उसका मरा हुआ शरीर भी नहीं देखना चाहूंगा'
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एक दूसरे संदेश में लिखा गया था कि हम अमेरिका के खिलाफ लड़ने के लिए आईएस में शामिल हो रहे हैं। इस संदेश की गंभीरता को देखते हुए करूणाकरन के विधायक एम राजगोपालन और मुस्तफा ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को इस बाबत सूचना दी।
राजगोपाल ने पीटीआई को बताया कि जितने भी लोग गायब हुए हैं। सबके सब उच्च शिक्षित हैं और सभी की उम्र 30 साल से कम है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को लापता हुए युवाओं के परिवार वालों ने यह मामला हमारे सामने लाया।
गायब हुए हाकिम के पिता हफीसुद्दीन ने बताया कि एक महीने पहले उनका पुत्र घर छोड़कर गया था और आज तक उसकी कोई खबर नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अगर वो एक अच्छा इंसान बनकर वापस लौटता है तो मैं उसका स्वागत करूंगा। यदि नहीं तो मैं उसका मरा हुआ शरीर भी नहीं देखना चाहूंगा।