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ममता को झटका : हिंसा की जांच पर रोक की याचिका खारिज, मानवाधिकार आयोग ने बनाई समिति

Mon, 21 Jun 2021 02:55 PM IST
Tanuja Yadav एएनआई, कोलकाता

सार

कोलकाता हाईकोर्ट ने अपने 18 जून के निर्देश को वापस लेने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। बता दें कि कोर्ट ने 18 जून के मानवाधिकार आयोग को जांच करने और समिति गठित करने के निर्देश दिए थे।
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कोलकाता हाईकोर्ट - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोलकाता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं में मानव अधिकारों के उल्लंघन की जांच राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को सौंपने संबंधी आदेश सोमवार को वापस लेने से इंकार करते हुए इस बारे में राज्य सरकार का आवेदन खारिज कर दिया। अदालत ने मानवाधिकार आयोग को एक समिति गठित कर राज्य में चुनाव बाद हिंसा के दौरान कथित मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं की जांच करने का आदेश दिया था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अरुण मिश्रा ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा की जांच के लिए समिति गठित कर दी।  

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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने जनहित याचिकाओं के एक समूह पर पारित आदेश को वापस लेने का पश्चिम बंगाल सरकार का आवेदन खारिज कर दिया। इन जनहित याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि राजनीतिक हमलों की वजह से लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा, उनके साथ मारपीट की गई, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और कार्यालयों में लूटपाट की गई।
 
पीठ ने 18 जून को पश्चिम बंगाल राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव (डब्ल्यूएमएलएसए) की ओर से दाखिल की गई रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए यह आदेश सुनाया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि इन घटनाओं से 10 जून दोपहर 12 बजे तक 3243 लोग प्रभावित हुए हैं।
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव ने रिपोर्ट में आगे उल्लेख किया था कि कई मामलों की शिकायतों को पुलिस अधीक्षकों या संबंधित पुलिस थानों को भेजा गया था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

इस मामले की सुनवाई कर रही पीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल के साथ न्यायमूर्ति आई पी मुखर्जी, न्यायमूर्ति हरीश टंडन, न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार शामिल है। पीठ ने मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वह चुनाव बाद हुई हिंसा के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित करें।

सात सदस्यीय जांच समिति गठित

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अरुण मिश्रा ने जांच समिति गठित कर दी है। यह राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच करेगी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस बारे में आदेश दिया था। सात सदस्यीय समिति में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष अतीफ रशीद, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य राजुल बेन देसाई, बंगाल मानवाधिकार आयोग के रजिस्ट्रार प्रदीप कुमार पांजा व अन्य शामिल किए गए हैं। समिति का प्रमुख राष्ट्रीय आयोग के सदस्य राजीव जैन को बनाया गया है। 

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