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दुनिया के वो पांच देश, जिन्होंने बदली अपनी राजधानी

Mon, 06 May 2019 04:07 PM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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countires capitals - फोटो : social media
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दुनिया में कई देश ऐसे हैं जिन्होंने अपनी राजधानी बदली है। किसी देश ने ऐसा विकास को ध्यान में रखते हुए किया है, तो किसी ने बिना वजह ही राजधानी बदली है। चलिए जानते हैं, उन पांच देशों के बारे में जिन्होंने अपनी राजधानी बदली है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

नाइजीरिया- पहले लागोस और अब अबुजा

नाइजीरिया का तटीश शहर लागोस साल 1914 में देश की राजधानी बना था। लेकिन यहां सब अनियोजित तरीके से चल रहा था। फिर साल 1976 में राष्ट्राध्यक्ष जनरल मुरतला आर मोहम्मद ने घोषणा की, कि अबुजा को देश की राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस स्थान को देश की राजधानी के तौर पर इसलिए चुना गया क्योंकि यहां हर धार्मिक और जातीय समूह के लोग रहते हैं। इस स्थान को कोई भी एक समूह अपनी धरती होने के दावा नहीं करता। इसके अलावा ये शहर देश के केंद्र में भी पड़ती है। यहां निर्माण कार्य 1980 में शुरू हुआ और 12 दिसंबर, 1991 को अबुजा देश की नई राजधानी बनी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

मिस्त्र- पहले केइरो और अब नई प्रशासनिक राजधानी

काइरो बीते एक हजार साल से एक ही जगह पर स्थित है। नील नदी के किनारे बसे इस शहर की जनसंख्या करीब 2.4 करोड़ है। भीड़ की समस्या को दूर करने और देश को नए रास्ते पर ले जाने के उद्देश्य से राष्ट्रपति अबदेल फतेह अल-सीसी ने केइरो के पूर्व में लगभग 45 किमी दूर एक शहर बनाने का फैसला लिया।

नई प्रशासनिक राजधानी में जून 2019 में कामकाज शुरू होने की उम्मीद है। ये राजधानी 700 वर्ग किलोमीटर में फैली होगी। माना जा रहा है कि ये 50 लाख लोगों का घर होगी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

कजाकिस्तान- पहले अल्माती और अब नूर-सुल्तान

जब कजाकिस्तान साल 1991 में सोवियत संघ से अलग हुआ तो उसकी राजधानी अल्माती थी। लेकिन इस शहर में विस्तार के लिए बेहद कम जगह थी। यहां भूकंप का खतरा भी था, साथ ही यह चीनी सीमा के भी काफी करीब थी।

जिसके बाद सरकार ने दिसंबर, 1997 में राजधानी को अस्ताना से 1,200 किमी उत्तर में स्थापित किया। 20 मार्च को अस्थाना का नाम बदलकर नूर-सुल्तान किया गया है। ये नाम 1990 से देश के राष्ट्रपति रहे नूरसुल्तान नजरवायेब को सम्मान देने के लिए बदला गया था।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

ब्राजील- पहले रियो डि जेनेरो और अब ब्रासीलिया

रियो डी जेनेरो सालों तक ब्राजील की राजधानी रही है। लेकिन ये शहर बहुत भीड़भाड़ वाला है, यहां सरकारी भवन भी काफी दूरी पर थे और ट्रैफिक भी काफी रहता था। जिसके बाद सरकार ने नए शहर को राजधानी बनाने का फैसला लिया। ब्रासीलिया शहर आर्किटेक्ट, इंजीनियर और सिटी प्लानर के चार साल के कड़े परिश्रम के बाद 21 अप्रैल, 1960 में बनकर तैयार हुआ था।

नई राजधानी पहली वाली से 1100 किमी दूर है, इसे कई ब्लॉक में विभाजित किया गया, जैसे होटल सेक्टर और दूतावास सेक्टर। ताकि नेविगेशन आसानी से हो सके। ये जगह यूनेस्को के विश्व विरासत स्थल में शामिल है। यह जगह अपनी आधुनिकतावादी वास्तुकला के लिए भी पहचानी जाती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

म्यांमार- पहले यांगून और अब नेपिडॉ

यांगून को रंगून भी कहा जाता है, जो 1948 से 6 नवंबर, 2005 तक म्यांमार की राजधानी रहा था। देश के सैन्य शासकों ने राजधानी बदलने का फैसला लिया, जिसके बाद नेपिडॉ को यहां की नई राजधानी बनाया गया। नई राजधानी केंद्रित और रणनीतिक रूप से अधिक सक्षम थी।

लेकिन राजधानी बदलने का कोई औपचारिक कारण नहीं बताया गया। कुछ लोगों का कहना था कि राजधानी इसलिए बदली गई क्योंकि ज्योतिषी ने विदेशी सैन्य हमले की चेतावनी दी थी।


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