कर्नाटक के सियासी गलियारे में लगातार हलचल मची हुई है। यहां कांग्रेस पार्टी में घरेलू कलह ही खत्म नहीं हो रहा है। पहले उम्मीदवारों के नाम तय करने को लेकर विवाद बना हुआ था। वहीं अब कोलार संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से टिकट काटने पर हंगामा खड़ा हो गया है। पार्टी के पांच विधायकों ने इस्तीफे की धमकी तक दे डाली है।
दरअसल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा के दामाद चिक्का पेद्दन्ना को कोलार से टिकट दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, पार्टी ने अभी तक इस क्षेत्र में अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है।
ये लोग जता रहे विरोध
कोलार जिले के तीन विधायक कोथुर जी मंजूनाथ (कोलार), के वाई नांजेगौड़ा (मलूर) और एमसी सुधाकर (चिंतामणि) और दो विधान पार्षद अनिल कुमार और नसीर अहमद पेद्दन्ना की उम्मीदवारी का विरोध जता रहे हैं। यह लोग चाहते हैं कि टिकट अनुसूचित जाति के दक्षिणपंथी समुदाय के उम्मीदवार को दिया जाए। बता दें, सुधाकर सिद्धारमैया मंत्रिमंडल में उच्च शिक्षा मंत्री हैं।
वहीं, जिले के एक अन्य कांग्रेस विधायक एसएन नारायणस्वामी (बंगरापेट) ने भी विरोध जताते हुए कहा कि टिकट अनुसूचित जाति के उम्मीदवार को दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के फैसले को देखने के बाद वह कोई निर्णय लिया जाएगा।
कोलार कांग्रेस के दो धड़ों और रमेश कुमार के बीच लड़ाई जारी
पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र का कहना है, 'खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा के नेतृत्व वाले कोलार कांग्रेस के दो धड़ों और कर्नाटक विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष केआर रमेश कुमार के बीच लड़ाई जारी है।'
एमएलसी ने पत्रकारों को दिखाए अपने इस्तीफे
दोनों एमएलसी ने काउंसिल के चेयरमैन बसवराज होरात्ती से मुलाकात की और पत्रकारों को अपने इस्तीफे दिखाए। वहीं, ये एमएलसी विधायक विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर से मिलने मंगलुरु जाने की योजना बना रहे थे। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी क्योंकि खादर बंगलूरू जा रहे हैं। हालांकि बाद में विधायकों ने कहा कि भविष्य की रणनीति को लेकर सिद्धरमैया और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डी के शिवकुमार के निर्देशों के बाद उन्होंने इंतजार करने का फैसला लिा है।