रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, लाईटकोर में पूर्वी खासी जिले की सुंदर पहाड़ियों की पृष्ठभूमि में आयोजित यह कार्यक्रम सफल रहा। इसमें असम राइफल्स, 101 एरिया, पूर्वी वायु कमान, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और मेघालय पुलिस के सेवारत कर्मियों और परिवारों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में अग्रणी भूमिका निभाते हुए, देश भर के अनुभवी क्रॉस कंट्री धावकों ने मेगा इवेंट में फिजिकल और वर्चुअल मोड में भाग लिया और सशस्त्र बलों तथा सीएपीएफ के धावकों के लिए चुनौती पेश की। दौड़ को आयु वर्ग के हिसाब से 21 किलोमीटर और 10 किलोमीटर की दो श्रेणियों में बांटा गया था। 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन में फिजिकल और वर्चुअल दोनों मोड में कुल 747 लोगों ने भाग लिया, जबकि 10 किलोमीटर की दौड़ में 694 लोगों ने भाग लिया।
इस अवसर पर मेघालय के राज्यपाल फागू चौहान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और उन्होंने प्रतिभागियों और दर्शकों के उत्साह तथा भावना की सराहना की। राज्यपाल ने 21 किलोमीटर वर्ग के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। विभिन्न आयु समूहों में 21 किमी श्रेणी के धावकों में 18 से 30 में 290, 30 से 40 में 199, 40 से 50 में 123 और 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 135 धावक शामिल हुए।
मैराथन में 30 वर्ष से कम श्रेणी के 21 किमी दौड़ में एम्फियस नोंगरूम विजेता रहे और महिला वर्ग में बंडाशाराय मारवेई विजेता रहीं। 10 किमी दौड़ में इबोरलांग नोंगस्पुंग पुरुष वर्ग में विजेता रहे और मार्क्विनलेस रामसिज महिला वर्ग में विजेता रहीं।
उल्लेखनीय है कि 'पूर्वोत्तर के प्रहरी' के रूप में लोकप्रिय असम राइफल्स ने उत्तर पूर्व की शांति और विकास के लिए खुद को प्रतिबद्ध किया है। इसने अतीत में "फिट इंडिया मूवमेंट" को बढ़ावा देने वाली कई गतिविधियां की हैं। यह न केवल क्षेत्र में एकजुटता लाता है बल्कि राष्ट्र निर्माण और एकता की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे यह "उत्तर पूर्व को जोड़ने वाली ताकत" बन जाता है। असम राइफल्स ने इस आयोजन के प्रायोजकों को भी धन्यवाद दिया।