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एंटी हाइजैकिंग कानून के तहत पहली सजा मुंबई के व्यापारी को, जानिए इस नियम के बारे में सबकुछ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Wed, 12 Jun 2019 02:39 PM IST
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बिरजू सल्ला - फोटो : Social Media

मुंबई के एक कारोबारी को विमान अपहरण की धमकी देना बहुत महंगा पड़ा। मंगलवार को एनआईए की विशेष अदालत ने इस मामले में कारोबारी को न सिर्फ उम्रकैद की सजा सुनाई बल्कि पांच करोड़ रुपये का जुर्माना भी ठोका है। विमान अपहरण रोधी कानून के तहत मिलने वाली ये पहली सजा है।



दोषी कारोबारी बिरजू सल्ला ने 30 अक्तूबर 2017 को जेट एयरवेज की मुंबई-दिल्ली फ्लाइट के टॉयलेट में टिश्यू पेपर पर अपहरण नोट लिखकर छोड़ा था। इस नोट में लिखा था कि विमान को पीओके ले जाया जाए।


इस हादसे के बाद सल्ला को 'नेशनल नो फ्लाई' लिस्ट में रखा गया था। उसके खिलाफ विमान अपहरण रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। सल्ला देश में पहला व्यक्ति है, जिस पर ऐसी कार्रवाई हुई।  

क्या कहता है कानून?

विमान अपहरण रोधी कानून सरकारी अधिसूचना के बाद साल 2017 के जुलाई माह में लागू हुआ था। इस कानून में 'किसी भी व्यक्ति की मौत की स्थिति में मृत्युदंड का प्रावधान है। 2016 के विमान अपहरण रोधी अधिनियम ने 1982 के पुराने कानून की जगह ली थी। 



पुराने कानून के मुताबिक बंधकों जैसे कि विमान के चालक दल के सदस्यों, यात्रियों और सुरक्षाकर्मियों की मौत की स्थिति में ही अपहरणकर्ताओं के खिलाफ सुनवाई हो सकती थी लेकिन नए कानून में 'विमान में सवार सुरक्षाकर्मियों या 'ग्राउंड सपोर्ट स्टाफ की मौत की स्थिति को शामिल करते हुए इसकी व्याख्या को और विस्तार दिया गया।


विमान अपहरण के अन्य मामलों में दोषी के अधिकार वाली चल अचल संपत्ति को जब्त करने के अलावा उसे उम्रकैद एवं जुर्माने की सजा का भी प्रावधान है। धमकी, अपराध को अंजाम देने का प्रयास या इसके लिए उकसाने समेत विमान अपहरण की व्याख्या के अंदर कई कृत्यों को शामिल किया गया।


इस कानून के तहत जो भी ऐसा कोई अपराध करता है या ऐसे अपराध के लिए अन्य लोगों को निर्देशित करता है, उसे विमान अपहरण के अपराध का दोषी समझा जाएगा।


1982 के विमान अपहरण अधिनियम की जगह नए अधिनियम के लिए तत्कालीन नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने 17 दिसंबर 2014 को राज्यसभा में विधेयक पेश किया था। 4 मई 2016 को ऊपरी सदन में और 9 मई 2016 को लोकसभा में विधेयक पारित हो गया था।

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