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जांच के लिए पहली स्वदेशी मोबाइल लैब तैयार, पीएम मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी

Thu, 18 Jun 2020 07:30 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : prayagraj
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कोरोना जांच के लिए देश की पहली मोबाइल कोविड लैब तैयार हो चुकी है। आंध्र प्रदेश की एक कंपनी ने महज आठ दिन में इस लैब को तैयार किया है, जिसे गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन हरी झंडी दिखाकर देशभर के दूरगामी क्षेत्रों में इस सुविधा को शुरू कर सकते हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर यह एक बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है। थर्मल स्क्रीनिंग, वेंटिलेटर, कोविड-19 टेस्ट डिवाइस, 3 डी मास्क इत्यादि बनाने वाली आंध्रप्रदेश की कंपनी एएमटीजे ने इसे आई-लैब का नाम दिया है।

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भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से इसे तैयार किया गया है। इसमें आरटीपीसीआर जांच के साथ साथ एलाइजा टेस्टिंग की सुविधा भी होगी। यह रैपिड रैस्पांस मोबाइल लैबोरेटरी एक बड़े ट्रक पर होगी, जिसे किसी भी क्षेत्र में ले जाया जा सकेगा। जानकारी के अनुसार इस लैब को देश के ग्रामीण, दुर्गम क्षेत्र और झुग्गी इलाकों के लिए तैयार किया है, जहां पहुंच कर लोगों की कोरोना जांच की जा सकेगी। इन लैब को अलग अलग हवाईअड्डों पर भी उपलब्ध कराया जा सकता है।

  • बीएसएल 2 स्तर की होगी लैब

स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर जिलों में बीएसएल 2 स्तर की लैब नहीं है। जबकि आरटीपीसीआर जांच के लिए यह मानकों का पालन जरूरी है। ऐसे में यह मोबाइल लैब इस कमी को दूर कर सकती है। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस लैब में चार से पांच आरटी-पीसीआर जांच मशीनें हैं।

प्रत्येक मशीन करीब 100 सैंपल की जांच एक बार में कर सकती है। करीब दो से ढ़ाई घंटे में इसका परिणाम भी मिल जाएगा। इसके अलावा रोजाना दो हजार एलाइजा जांच करने की सुविधा भी इसमें है। इस जांच के जरिये लोगों में संक्रमण के खिलाफ बने एंटीबॉडी का पता लगाया जा सकता है।

  • एक फीसदी से कम आबादी में एंटीबॉडी

हाल हीमें आईसीएमआर ने सीरो सर्वे में बताया था कि अप्रैल तक देश के एक फीसदी से कम आबादी में एंटीबॉडी मिले हैं। हालांकि मई और जून की स्थिति को देखते हुए यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। इसलिए एक बार फिर सीरो सर्वे कराने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

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किन-किन क्षेत्रों में लैब की तैनाती पर बन रही योजना

भारत सरकार के जैव प्रोद्यौगिकी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि आने वाले दिनों में कितने मोबाइल लैब किन-किन क्षेत्रों में तैनात किए जाने हैं, इसपर अभी योजना बनाई जा रही है। जल्द ही यह पूरी हो जाएगी। एक मोबाइल लैब में दो तकनीशियन की आवश्यकता भी पड़ेगी। सैंपल को सुरक्षित रखने के लिए इसमें फ्रिज सिस्टम भी है।
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान में अहम
नीति आयोग के सलाहकार अलोक कुमार ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि इस मोबाइल लैब का इस्तेमाल दूर-दराज के इलाकों में आसानी के साथ किया जा सकता है। आत्मनिर्भर भारत अभियान में यह एक बड़ी उपलब्धि देश को मिली है।
  • वायरस की जांच को लेकर 17 लैब को अनुमति
बीते एक दिन में देश में कोरोना वायरस की जांच को लेकर 17 लैब को अनुमति दी गई है। अबतक देश में कुल लैब की संख्या 924 हो चुकी है जहां कोरोना वायरस के सैंपल की जांच चल रही है। इनमें 674 सरकारी और 250 प्राइवेट लैब शामिल हैं। इनमें से 535 में आरटी पीसीआर, 316 में ट्रूनेट और 73 लैब में सीबी नैट मशीन के जरिये जांच की जा रही है। 
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