कांग्रेस नेता वी. हनुमंत राव ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि ललन सिंह ने बिहार की मोकामा सीट पर मतदाताओं को धमकाया और विपक्षी नेताओं को घर में बंद रखने की बात कही थी।
तेलंगाना में कांग्रेस नेता वी. हनुमंत राव ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। राव ने दावा किया कि ललन सिंह ने बिहार की मोकामा विधानसभा सीट पर मतदाताओं को धमकाया और विपक्षी नेताओं को घर में बंद रखने की बात कही। यह मामला चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ा बताया जा रहा है।
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इस मामले पर ललन सिंह पर कार्रवाई भी हो रही है। इसी बीच कांग्रेस नेता हनुमंत राव ने अपनी तेलंगाना में भी शिकायत दर्ज करा दी। साथ ही उन्होंने कहा कि एक वायरल वीडियो में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह कथित तौर पर मतदाताओं को वोट डालने से रोकने और विपक्षी नेताओं को घरों में कैद करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। राव ने कहा कि इस तरह के बयान भारतीय संविधान और बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए मतदान के अधिकार का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा भय और अन्याय के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है, जो लोकतंत्र के खिलाफ है।
ललन सिंह ने मतदाताओ को धमकाया- हनुमंत
राव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मतदाताओं को धमकाकर मतदान से रोकने की कोशिश की। यह बिल्कुल गलत है। संविधान ने हर नागरिक को वोट देने का अधिकार दिया है। ये लोग भय दिखाकर वोट हासिल करना चाहते हैं, जो लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।” उन्होंने बताया कि इस मामले में पहले ही पटना में केस दर्ज हो चुका है और अब उन्होंने हैदराबाद के अंबरपेट थाने में शिकायत दी है, ताकि कानून के तहत उचित कार्रवाई हो सके।
वायरल वीडियो में क्या बोले थे ललन सिंह?
इस विवाद की जड़ एक वायरल वीडियो है जिसे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रवक्ता प्रियंका भारती ने सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में ललन सिंह को यह कहते सुना जा सकता है— “कुछ नेता हैं, उन्हें चुनाव वाले दिन घर से बाहर न निकलने दें। अगर बहुत जिद करें, तो उन्हें वोट डालने के बाद सीधा घर भेज दें।” इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है। प्रियंका भारती ने कहा, “क्या चुनाव आयोग अब भी सोया रहेगा? मंत्री के इस गुंडई भरे बयान की जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।”
मामले में प्रशासन की कार्रवाई
पटना प्रशासन ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि निगरानी टीम द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो की जांच के बाद राजीव रंजन सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं कांग्रेस और राजद नेताओं ने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। भाजपा ने हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन विपक्ष का कहना है कि ऐसे बयानों से साफ है कि भाजपा चुनावी हार के डर से बौखला गई है।