मुंब्रा ट्रेन हादसे की वजह को लेकर पुलिस ने जांच में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही के कारण बीते नौ जून को पांच लोगों की मौत हुई थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि घटना से चार दिन पहले रेलवे के कर्मचारियों ने पटरी का एक टुकड़ा बदला था लेकिन उसे बिना वेल्ड किए छोड़ दिया था, जिससे यह हादसा हुआ।
रेलवे पुलिस (जीआरपी) की ओर से दर्ज की गई प्राथमिकी में कहा गया है कि असंतुलित पटरी के कारण उस पर चल रही एक ट्रेन बगल वाली पटरी की ओर झुक गई, जिससे यात्री नीचे गिर गए। इसमें यह कहा गया है कि संबंधित रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को इस बात की जानकारी थी कि बदली गई पटरी का टुकड़ा बिना वेल्ड किए छोड़ दिया गया था।
यह हादसा दिवा और मुंब्रा रेलवे स्टेशन के बीच उस समय हुआ, जब कसारा और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस की ओर जाने वाली दो ट्रेन एक तीव्र मोड़ पर एक-दूसरे को पार कर रही थीं। इसी दौरान ट्रेन के पायदान पर खड़े कुछ यात्रियों का बाहर निकला हुआ बैग दूसरी ट्रेन में सवार लोगों के बैग या शरीर से टकराया, जिससे यात्री पटरी पर गिर पड़े।
इस घटना के संबंध में एक नवंबर को सहायक मंडल इंजीनियर विशाल डोलास, वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर समर यादव और अन्य रेलवे अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनके पास उस रेलवे ट्रैक के रखरखाव की जिम्मेदारी थी, जहां हादसा हुआ।