केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा है कि अगर उसने भारत को चोट पहुंचाना बंद नहीं किया तो उसे इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि सीमा पार तनाव से निपटने के लिए भारत ने अपना रुख बदल दिया है क्योंकि वह पाकिस्तान के आतंकवाद के निर्यात के कारण ‘चुप रहकर बहुत सह’ चुका है।
केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2003 से संघर्षविराम का लगातार उल्लंघन करने को लेकर भी पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कभी-कभी होने वाले उल्लंघन अब नियमित हो गए हैं।
जेटली ले मीडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा , भारत इस बात को स्वीकार नहीं करता कि पाकिस्तान आतंकवादियों को भेजना और भारत को चोट पहुंचाना जारी रख सकता है। यदि वे ऐसा करते हैं तो इसकी अपेक्षाकृत बहुत भारी कीमत चुकानी होगी।
उन्होंने कहा, पाकिस्तान 2003 के संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है। आखिरकार आतंकवाद क्या है- आप लोगों को प्रशिक्षण देते हैं, उनकी घुसपैठ कराते हैं। हम चुप रहकर बहुत सह चुके हैं और हम केवल कुछ कूटनीतिक कदम उठाते रहे हैं।
मुझे लगता है कि अब समय बदल गया है और भारत सरकार का अधिक सक्रिय रुख है। उन्होंने कहा, और सक्त्रिस्य रुख यह है कि यदि आप भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देते हैं और सीमा पार लोगों की हत्या करते हैं, तो आपको इसकी कीमत चुकानी होगी।
मुझे लगता है कि भारत सरकार की यह नीति अत्यंत स्पष्ट है। जेटली ने कहा, हमने उरी और पठानकोट में कीमत चुकाई लेकिन यह एकतरफा थी। पाकिस्तान को आज जो कीमत चुकानी होगी वह अपेक्षाकृत बहुत अधिक होगी और जहां तक पाकिस्तान की अपनी सरकार, उसके लोकतंत्र एवं सैन्य-असैन्य संबंधों की बात है तो वह बहुत खतरनाक स्थिति में है।