राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सामग्री "नैतिक भ्रष्टाचार" के कारणों में से एक है और इसे कानून के माध्यम से विनियमित करने की आवश्यकता है। यहां रेशमबाग मैदान में आरएसएस की पारंपरिक विजयादशमी रैली में बोलते हुए उन्होंने मूल्य शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही आरएसएस प्रमुख ने पहली बार कोलकाता के आरजी कर केस पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
'OTT पर दिखाई जा रही गंदगी पर रोक की जरूरत'
आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जो दिखाया जा रहा है, उस पर बहुत कम या कोई नियंत्रण नहीं है। बहुत सी सामग्री इतनी घृणित है कि उसका उल्लेख करना भी शालीनता का उल्लंघन होगा। हमारे घरों, खासकर बच्चों तक पहुंचने वाली विकृत दृश्य सामग्री पर कानून की तत्काल आवश्यकता है।
नशे की लत कर रहे समाज को खोखला- RSS
एक अगले पोस्ट में आरएसएस ने लिखा, युवा पीढ़ी में नशे की लत तेजी से फैल रही है, जिससे समाज कमजोर और खोखला हो रहा है। मूल्यों के पतन का ही नतीजा है कि 'मातृत्व परदारेषु' में विश्वास करने वाले देश में कई जगहों पर बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही हैं। सद्गुणों को विकसित करने वाली आदतों को पुनर्जीवित करना होगा।
आरजी कर केस पर RSS की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस दौरान कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या पर प्रतिक्रिया दी, अपने पोस्ट में संघ की तरफ से लिखा गया- आरजी कर की घटना को जिस तरह से संभाला जा रहा है, वह अपराध और राजनीति के नापाक संयोजन को दर्शाता है। महिलाओं का सम्मान हमारी संस्कृति की आधारशिला है। हमें अपनी महिलाओं के लिए सुरक्षा का माहौल बनाने की जरूरत है।
मोहन भागवत के बयान पर TMC का पलटवार
आरजी कर केस पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, हम मोहन भागवत की तरफ से दिए गए बयान का कड़ा विरोध करते हैं। आरजी कर के मामले में, 24 घंटे के भीतर आरोपी को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और सीबीआई की चार्जशीट में सकारात्मक रूप से सुधार किया गया। उन्होंने उत्तराखंड, मणिपुर, नागपुर, यूपी के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की, जहां भाजपा पुलिस को नियंत्रित कर रही है और महिलाओं के खिलाफ इस तरह के अपराध अक्सर होते हैं, यह आरएसएस प्रमुख की आवाज नहीं है, यह एक सच्चे भाजपा नेता की स्पष्ट आवाज है। शायद वे एक उचित अध्यक्ष की तलाश में हैं।