महाराष्ट्र कांग्रेस ने चुनाव से पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर अमरावती की विधायक सुलभा खोडके को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा कि खोडके के खिलाफ पार्टी के विरोध में काम करने की कई शिकायतें मिली थीं।
महाराष्ट्र में अगले कुछ महीनों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले आंतरिक क्लेश और पार्टी विरोधी गतिविधियां कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती के तौर है। जिसके लिए महाराष्ट्र कांग्रेस ने एक अहम कदम उठाते हुए चुनाव से पहले अपनी सख्ती दिखाई है। कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल अमरावती की विधायक सुलभा खोडके को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
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नाना पटोले ने जारी किया बयान
सुलभा खोडके को निष्कासित करने के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने बयान जारी कर कहा कि खोडके के खिलाफ पार्टी के खिलाफ काम करने की कई शिकायतें मिली थीं। उन्हें निलंबित करने का निर्णय पार्टी के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला के निर्देश पर लिया गया है। इसके साथ ही सूत्रों की माने तो अमरावती विधायक सुलभा खोडके के पति राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता एवं उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के करीबी सहयोगी हैं। इस आधार पर कयास लगाए जा रहे है कि खोडके अजित पवार नीत राकांपा में शामिल हो सकती हैं।
MLC चुनाव में खोडके ने की थी क्रॉस वोटिंग
बता दें कि सुलभा खोडके उन सात विधायकों में से एक थीं, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की थी। जिसके कारण विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी के संयुक्त उम्मीदवार और पीडब्ल्यूपी नेता जयंत पाटिल को हार का सामना करना पड़ा था।
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राज्य में दो गठबंधन के बीच चुनावी मुकाबला
महाराष्ट्र में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव में एक तरफ सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति है, जिसमें बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल है। तो दूसरी महा विकास अघाड़ी है, जिसमें कांग्रेस, उद्धव गुट की शिवसेना और शरद पवार की एनसीपी शामिल है।