वहीं, कृषि कानूनों के खिलाफ छह दिन से दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को सरकार ने आज दोपहर तीन बजे विज्ञान भवन में बातचीत के लिए बुलाया है। इससे पहले किसानों ने कहा कि वे निर्णायक लड़ाई के लिए आए हैं। अपने हक में फैसला लेने के बाद ही लौटेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों के नेताओं को कोविड-19 महामारी व सर्दी का हवाला देते हुए तीन दिसंबर की जगह मंगलवार को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।
गौरतलब है कि हजारों किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले छह दिनों से धरने पर हैं। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनका यह धरना मंगलवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। इन कानूनों के बारे में किसानों को आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त हो जाएगा।