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Kisan Andolan: केंद्र ने भेजे समझौते के पांच प्रस्ताव, संयुक्त किसान मोर्चा ने उठाए कुछ सवाल, आज फिर मंथन

Wed, 08 Dec 2021 01:23 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार के मसौदे के अनुसार संयुक्त किसान मोर्चे के पांच सदस्य एमएसपी पर बनने वाली कमेटी में शामिल किए जाएंगे। आंदोलन की वापसी पर किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि इस बारे में बुधवार को दोपहर दो बजे होने वाली बैठक में फैसला लिया जाएगा। केंद्र की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव के मसौदे पर पूरी तरह सहमति नहीं बनी है। 
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संयुक्त किसान मोर्चा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दिल्ली बॉर्डर पर पिछले एक साल से जारी किसान आंदोलन को समाप्त कराने के लिए केंद्र ने नए सिरे से पहल की है। मंगलवार को केंद्र ने संयुक्त किसान मोर्चा के समक्ष पांच प्रस्ताव भेजे। इसके बाद मोर्चे ने बैठक कर इन पर विचार किया। केंद्र की कुछ शर्तों पर मोर्चे ने सवाल उठाए हैं। मोर्चा बुधवार को केंद्र के प्रस्ताव पर मंथन कर अंतिम फैसला लेगा। 

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सरकार के प्रस्ताव पर हुई चर्चा
मोर्चे ने मंगलवार को सिंघु बॉर्डर पर बैठक के बाद कहा कि सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। गृह मंत्रालय से हमारे पास प्रस्ताव आया है। सरकार का लिखित प्रस्ताव देना अच्छा है। एमएसपी पर कमेटी को लेकर कुछ आपत्ति है। आंदोलन वापसी की शर्त पर भी एतराज है। आंदोलन वापसी पर ही केस वापस लेने की बात की गई है। हम सरकार की शर्त मानने को तैयार नहीं हैं। कमेटी को लेकर भी हमारे कुछ सवाल हैं। आंदोलन की वापसी पर किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि इस बारे में बुधवार को दोपहर दो बजे होने वाली बैठक में फैसला लिया जाएगा। केंद्र की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव के मसौदे पर पूरी तरह सहमति नहीं बनी है। 

केस वापसी तत्काल शुरू हो
मोर्चे ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रस्ताव में कहा गया है कि जब हम आंदोलन खत्म करेंगे तभी किसानों पर केस वापसी होगी। इसे लेकर हमें आशंका है। सरकार को तत्काल केस वापस लेना शुरू करना चाहिए। 
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टिकैत बोले, हमें कुछ आशंकाएं, कल फिर होगी बैठक
राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने प्रस्ताव दिया कि वे हमारी मांगों पर सहमत होने के बाद हमें अपना विरोध समाप्त करना होगा, लेकिन प्रस्ताव स्पष्ट नहीं है। हमें कुछ आशंकाएं हैं जिन पर कल दोपहर दो बजे चर्चा होगी। हमारा आंदोलन कहीं नहीं जा रहा है, यहीं रहेगा।  

700 मृत किसानों के आश्रितों को दें 5-5 लाख रुपये व नौकरी
भारतीय किसान यूनियन के गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि आंदोलन के दौरान मृत 700 से ज्यादा किसानों के आश्रितों को केंद्र की ओर से 5-5 लाख रुपये मुआवजा और सरकार नौकरी दी जाना चाहिए, जैसी की घोषणा पंजाब सरकार ने की है। पंजाब की तरह केंद्र को भी ऐसा ही मुआवजा देना चाहिए।

केंद्र ने प्रस्ताव में यह कहा
केंद्र सरकार के समझौते के मसौदे के अनुसार, संयुक्त किसान मोर्चा के पांच सदस्य एमएसपी पर बनने वाली कमेटी में शामिल किए जाएंगे। वहीं, सरकार ने एक साल के भीतर किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को भी वापस लेने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा इस मसौदे में पंजाब मॉडल पर मुआवजा देने की बात भी है। खबरों के मुताबिक केस वापसी पर हरियाणा, यूपी राजी हैं। वहीं बिजली बिल को लेकर भी सरकार का रुख लचीला है। पराली जलाने पर आपराधिक धाराएं खत्म करने का प्रस्ताव किया गया है। 

किसानों की ये हैं मांगें

  • एमएसपी की गारंटी का कानून बनाया जाए।
  • आंदोलन के दौरान मृत किसानों के परिवारों को मुआवजा मिले
  • किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं
  • बिजली बिल और पराली बिल को निरस्त किया जाए
  • लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्रा के पिता और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त किया जाए।

 

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