लोकसभा चुनाव 2019 से पहले फेसबुक राजनीतिक विज्ञापनों के मामले में पारदर्शिता लाने के लिए नई पहल करने जा रहा है। इसके अनुसार अब विज्ञापनों के साथ स्पष्टीकरण भी देना होगा। कंपनी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
कंपनी ने कहा कि गुरुवार से राजनीतिक विज्ञापनों के ऊपर यह जानकारी रहेगी कि किसने विज्ञापन प्रकाशित किया है या उसके लिये किसने भुगतान किया है। लोग विज्ञापनों की एक लाइब्रेरी को भी एक्सेस कर सकेंगे।
कंपनी के सार्वजनिक नीति निदेशक (भारत एवं दक्षिण एशिया) शिवनाथ ठुकराल ने कहा कि गुरुवार से लोगों को विज्ञापन के साथ विज्ञापनदाता या उसके लिये भुगतान करने वाले की भी जानकारी मिलेगी। इससे लोगों को इस बाबत अधिक जानकारी मिलेगी कि उन्हें दिख रहे विज्ञापनों के पीछे कौन लोग हैं।
कंपनी इस महीने से देश में राजनीतिक विज्ञापन चला रहे या इनके लिये भुगतान कर रहे पेजों को प्रबंधित करने वाले लोगों की प्राथमिक भौगोलिक स्थिति भी दिखाना शुरू करेगी। मालूम हो कि भारत में फेसबुक के करीब 20 करोड़ उपभोक्ता हैं।