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UP Assembly Election 2022: पसमांदा मुसलमानों को साधने के लिए हुनर हाट का आयोजन, ओबीसी को और खींचने की कवायद में भाजपा

Fri, 15 Oct 2021 06:40 PM IST
प्रतिभा ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अर्जुन राम मेघवाल कल यूपी के रामपुर जिले में पहले विश्वकर्मा वाटिका और हुनर हाट का उद्घाटन करेंगे। जहां मुसलमानों की आबादी 50 फीसदी से अधिक है।
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लोगों की परेशानी सुनते हुए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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चुनाव से पहले अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) विशेष रूप से पसमांदा मुस्लिम या  दलित मुस्लिमों के साथ-साथ हिंदू समुदाय के अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी के तीन मंत्री कल रामपुर में रहेंगे। तीनों मंत्री  कारीगरों के पारंपरिक कौशल और शिल्प कौशल का प्रदर्शन करने के लिए उत्तर प्रदेश में हुनर हाट और विश्वकर्मा वाटिका का उद्घाटन करेंगे। हुनर हाट के जरिए पार्टी ओबीसी के बीच अपनी और पैठ बढ़ाना चाहती है। 
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हुनर हाट का आयोजन अल्पसंख्यक मंत्रालय कर रहा है। इसलिए अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के साथ कौशल विकास और उद्यमिता और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी रहेंगे जो राज्य के चुनाव प्रभारी भी हैं। वहीं राज्य मंत्री (संस्कृति व संसदीय कार्य) अर्जुन राम मेघवाल भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे जो चुनाव के सह प्रभारी हैं। रामपुर यूपी की एक बड़ी विधानसभा सीट है इसलिए भाजपा यहां अपनी पूरी ताकत झोंकना चाहती है।  
30 फीसदी पसमांदा मुसलमान
सूत्रों के अनुसार हुनर हाट के जरिए अब भाजपा कहार, केवट-मल्लाह, कुम्हार, कुंदजा, गुज्जर, गद्दी-घोसी, कुरैशी, जोगी, माली, तेली, दारजी, नट, बंजारा, बढ़ई, चूड़ीदार, जुलाहा, मंसूरी, धुनिया, रंगरेज, लोहार, हज्जाम, धोबी, मोची, राजमिश्री जैसे समुदायों पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है। पार्टी मान रही है कि इस कदम से यूपी विधानसभा चुनाव में उसे फायदा मिलेगा। पसमांदा मुसलमान यूपी की आबादी का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं। इसके अलावा मुसलमानों और हिंदुओं में कुछ सामान्य जातियां हैं।
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हुनर हाट - फोटो : amar ujala
प्रधान मंत्री मोदी ने अपने मन की बात संबोधन में भी इन कारीगरों के बारे में बात की थी और उन्होंने उनके उत्थान पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत अगले 'हुनर हाट' का आयोजन उत्तर प्रदेश के रामपुर में 16 से 25 अक्टूबर के बीच किया जाएगा। हुनरहाट में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दस्तकार एवं शिल्पकार हिस्सा लेंगे। लोकल फॉर वोकल की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए देश के हस्तशिल्पियों एवं दस्तकारों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है। 

कारीगर उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगे
मिली जानकारी के मुताबिक शिल्पकारों के पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए हुनर हाट में विश्वकर्मा वाटिका की स्थापना की जाएगी। जहां वे स्वदेशी उत्पादों को बनाना कर भी दिखाएंगे। मंत्रालय रामपुर के साथ-साथ लखनऊ, आगरा और प्रयागराज में भी हुनर हाट का आयोजन करेगा जहां विश्वकर्मा वाटिका बनाई जाएगी। चुनाव की घोषणा से पहले इसका समापन हो जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक विश्वकर्मा वाटिका को हुनर हाट के भीतर विशेष बाड़े जैसा बनाया जाएगा ताकि आर्थिक रूप से पिछड़े इन समुदायों के कार्यों का प्रदर्शन और उसकी बिक्री की जा सके। 

 
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हुनर हाट में रामपुर की फोल्डबल चटाई की स्टॉल (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कारीगरों का फायदा क्या
मिली जानकारी के मुताबिक हुनर हाट में हिस्सा लेने के लिए जब कारीगरों को बुलाया जाता है, तो सरकार उन्हें 1,500 रुपये का दैनिक भत्ता, ट्रेन का किराया,  उनका मार्गदर्शन करने के लिए एक साथी का और उनके उत्पादों को लाने के लिए परिवहन का खर्च भी देती है। कारीगरों को अपनी बिक्री की पूरी आय भी रखनी होती है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि चुनाव से पहले जब कारीगरों को इस तरह आर्थिक रुप से मजबूत करने की कवायद की जाएगी तो निश्चित तौर पर वे भाजपा की तरफ आकर्षित होंगे। 

सपा-बसपा ने उपेक्षा की
पार्टी के एक नेता का मानना है कि हम इस समुदाय पर इसलिए ध्यान दे रहे हैं कि क्योंकि चाहे सपा हो या बसपा दोनों पार्टियों ने उनकी उपेक्षा की है। विशेष रूप से ओबीसी को ध्यान में रखकर ही एक अभियान भी शुरू किया है और राज्य भर में 200 से अधिक रैलियां करने की योजना बनाई है। 

भाजपा ने कुछ समय से ओबीसी के बीच अपनी पैठ बनाई है और पिछले कुछ चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया है। 2014 के बाद से उनका वोट शेयर लगातार बढ़ रहा है। पार्टी इस बार भी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ओबीसी का वोट शेयर छिटक न जाए।

इसलिए प्रधान मंत्री मोदी ने पहले नीट में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की और योगी आदित्यनाथ कैबिनेट के हालिया विस्तार में सात नए चेहरों में तीन ओबीसी नेता को जगह दी है। अब योगी मंत्रिमंडल में 29 ओबीसी मंत्री हैं। इन सभी मंत्रियो को अपने समुदाय को साधने की जिम्मेदारी दी गई है। यूपी की कुल आबादी का लगभग 54 प्रतिशत ओबीसी है। यह ओबीसी समुदाय राज्य में सबसे प्रभावशाली समुदायों में से एक है। 

 
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