फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आत्मनिर्भर भारत: विदेश मंत्री ने गिनाईं मोदी सरकार की योजनाएं, कहा- सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा देश

Sat, 11 Jun 2022 09:39 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैंगलोर

सार

विदेश मंत्री ने छात्रों से कहा कि जब आप अपने करियर की शुरुआत करते हैं तो आप जिस भारत में कदम रखते हैं, वह उस देश से मौलिक रूप से अलग होगा, जब आपने अपनी पढ़ाई शुरू की थी।
 
विज्ञापन
एस जयशंकर। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मोदी सरकार के 8 साल के पूरे हो गए हैं। ऐसे में सरकार के सभी मंत्री केंद्र की योजनाओं और पहल के बारे में लोगों को बढ़-चढ़ कर बता रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बेंगलुरु में मोदी सरकार की जमकर तारीफ की। भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश जीवन बदलने वाली सरकारी योजनाओं के कारण नाटकीय रूप से और लोकतांत्रिक रूप से जीवन बदलने के साथ क्रांति के बीच में है।

विज्ञापन


भारत में हो रही है क्रांति
मंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों पर बोलते हुए आगे कहा कि वर्तमान मे एक बहुत अलग भारत बन रहा है। पिछले आठ वर्षों में लोगों को बैंकिंग प्रणाली, बिजली, आवास, पीने योग्य पानी, रसोई में एलपीजी और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए शुरू की गई योजनाओं के लाभार्थियों का पैमाना आपको यह समझाएगा कि भारत एक क्रांति के बीच में है। 

उन्होंने आत्मनिर्भर भारत विषय पर बोलते हुए आगे कहा कि देश में क्रांति हो रही है और यह क्रांति 'लोकतांत्रिक रूप से हो रही है। विदेश मंत्री ने छात्रों से कहा कि जब आप अपने करियर की शुरुआत करते हैं तो आप जिस भारत में कदम रखते हैं, वह उस देश से मौलिक रूप से अलग होगा, जब आपने अपनी पढ़ाई शुरू की थी।
विज्ञापन


सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है भारत
अपने संबोधन के दौरान विदेश मंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि देश सामाजिक सुरक्षा के अपने प्रयास में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। और यह परिवर्तन ही राष्ट्र के निचले स्तर को ऊपर उठाएगा।

संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि आत्मानिर्भर भारत की अवधारणा का अर्थ है एक बेहतर सक्षम भारत अधिक स्वस्थ ,अधिक आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि आत्मनिर्भर भारत वैश्विक समुदाय से जुड़कर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस नए भारत की नीतियां जन-केंद्रित हैं, क्योंकि किसी देश का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन उसके लोग होते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत में मानव संसाधनों की गुणवत्ता को बढ़ाना प्रमुख लक्ष्यों में से एक है और यह गेम-चेंजर साबित होगा।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भौतिक बुनियादी ढांचे, शहरीकरण, स्मार्ट शहरों, डिजिटल नीतियों और नवाचार को बढ़ावा देने जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को लेकर चर्चा की। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें