खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या के बाद से ही भारत और कनाडा के रिश्तों में खटास आई है। वाशिंगटन के विल्सन सेंटर में साउथ एशिया इंस्टीट्यूट के निदेशक माइकल कुगेलमैन ने कहा, रिश्ता गहरे संकट में है, शायद यह अब तक का सबसे खराब संकट है।
खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या के बाद से ही भारत और कनाडा के रिश्तों में खटास आई है। पीएम ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत की खुफिया एजेंसी है। जिसके बाद से ही दोनों देशों के संबंधों में दरार आ गई। कई विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और कनाडा के रिश्ते अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे है। अधिकारियों और विशेषज्ञों की माने तो कनाडाई लोगों पर कुछ वीजा प्रतिबंधों को कम करने के नई दिल्ली के आश्चर्यजनक कदम के बावजूद अभी भी भारत और कनाडा के बीच खराब राजनयिक संबंधों को सुधरने की एक लंबी प्रक्रिया होगी।
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दोनों देशों के विशेषज्ञों ने कहा, वीजा पर भारत की छूट से संबंधों में सुधार की कुछ उम्मीदें बढ़ गई हैं, लेकिन यह कोई सफलता नहीं है, क्योंकि किसी भी पक्ष के पास सामान्य स्थिति में वापसी के लिए ज्यादा प्रोत्साहन नहीं है। कनाडा में हत्या की जांच की जा रही है। पीएम मोदी मई तक भारतीय राष्ट्रीय चुनावों की तैयारी कर रहे हैं, इसलिए न तो नई दिल्ली और न ही ओटावा जल्द ही सुलह के लिए कोई नाटकीय कदम उठाएंगे।
वाशिंगटन के विल्सन सेंटर में साउथ एशिया इंस्टीट्यूट के निदेशक माइकल कुगेलमैन ने कहा, संबध गहरे संकट में है, शायद यह अब तक का सबसे खराब संकट है। संकट पूरी तरह से काबू से बाहर न हो, इसमें प्रत्येक पक्ष की गहरी रुचि हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि संकट को हल करने के लिए यह मजबूत कदम हैं। 2020 से 2022 तक कनाडा में भारत के राजदूत अजय बिसारिया ने कहा, शांत कूटनीति के बाद संबंध डी-एस्केलेशन चरण में है।