कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र के पूर्व निदेशक राकेश मिश्रा ने बुधवार को कहा कि सार्स-कोव-2 का दोहरे उत्परिवर्तन वाले स्वरूप बी.1.617 का आगे और उत्परिवर्तन हो रहा है और इसका एक उप-स्वरूप बी.1.617.2 है जो अपने विषाणु पूर्वज की तुलना में अधिक संक्रामक है तथा यह तेजी से अपने पैर पसार रहा है।
मिश्रा ने यह भी कहा कि वायरस का कोई भी सिंगापुर स्वरूप नहीं है जिसका मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में जिक्र किया था। केजरीवाल के ट्वीट पर सिंगापुर की आपत्ति के बाद केंद्र और आप सरकार में वाकयुद्ध शुरू हो गया था।
मिश्रा ने कहा कि बी.1.617 उत्परिवर्तन स्वरूप था जो महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक जैसे राज्यों में बढ़ रहा था और अब धीरे-धीरे इसके तीन उपस्वरूप (बी.1) 617.1, 617.2 और 617.3 आ गए हैं। इन तीनों में से बी.1.617.2 अधिक संक्रामक है।
साथ ही कहा कि यह बड़ी चिंता की बात नहीं है, सिवाय संख्या अधिक है और लक्षण अधिक हैं। अन्यथा हमें कोई अंतर दिखाई नहीं देता। इस तरह यह दूसरों की जगह ले रहा है।