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Assam: सीएम सरमा बोले- असम बहुविवाह को खत्म करने के लिए विधेयक लाएगा, गठित समिति सौंप चुकी है अपनी रिपोर्ट

Sun, 06 Aug 2023 03:43 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, गुवाहाटी।

सार

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि विशेषज्ञ समिति ने आज दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपी है। समिति ने सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की है कि राज्य बहुविवाह को खत्म करने के लिए अपने खुद के कानून बना सकता है।
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विशेषज्ञ समिति ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को रिपोर्ट सौंपी। - फोटो : Twitter@himantabiswa
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विस्तार
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असम में बहुविवाह को खत्म करने के लिए कानून बनाने को लेकर विधानसभा की विधायी क्षमता का पता लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति द्वारा अपनी रिपोर्ट सौंपने के कुछ घंटे बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि इस वित्तीय वर्ष के भीतर इस विषय पर एक कानून पेश किया जाएगा।

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यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि विशेषज्ञ समिति ने आज दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपी है। समिति ने सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की है कि राज्य बहुविवाह को खत्म करने के लिए अपने खुद के कानून बना सकता है। उन्होंने कहा कि, रिपोर्ट में सर्वसम्मति से कहा गया है कि राज्य सरकार बहुविवाह पर कानून बना सकती है।

उन्होंने जो एकमात्र बिंदु कहा वह यह है कि विधेयक पर अंतिम सहमति राज्यपाल के बजाय राष्ट्रपति को देनी होगी, जो अन्य राज्य कानूनों पर अंतिम हस्ताक्षर करते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या असम बहुविवाह को खत्म करने के लिए कानून लाएगा। मुख्यमंत्री ने सकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा, यह कानून निश्चित रूप से इसी वित्तीय वर्ष में आएगा।
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इससे पहले दिन में असम में बहुविवाह को समाप्त करने के लिए कानून बनाने को लेकर विधानसभा की विधायी क्षमता का पता लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को सौंप दी थी। सरमा ने समिति द्वारा उन्हें रिपोर्ट सौंपने और दस्तावेज के कवर की तस्वीरें ट्विटर पर साझा कीं। मुख्यमंत्री ने कहा, आज विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी।

उन्होंने कहा, असम अब जाति, पंथ या धर्म की परवाह किए बिना महिला सशक्तिकरण के लिए एक सकारात्मक परिवेश तैयार करने के करीब पहुंच गया है। सरमा ने 12 मई को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रूमी कुमारी फुकन की अध्यक्षता में चार सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के गठन की घोषणा की थी। फुकन के अलावा समिति के अन्य सदस्यों में राज्य के महाधिवक्ता देवजीत सैकिया, वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता नलिन कोहली और वरिष्ठ अधिवक्ता नेकिबुर जमान हैं।

18 जुलाई को असम सरकार ने समिति का कार्यकाल 13 जुलाई से 12 अगस्त तक एक महीने के लिए बढ़ा दिया था। समिति को शुरू में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 60 दिनों की समयसीमा दी गई थी। इसे समान नागरिक संहिता के लिए राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 25 के साथ-साथ मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) अधिनियम, 1937 के प्रावधानों की जांच करने का काम भी सौंपा गया था।

13 जुलाई को सरमा ने कहा था कि असम सरकार ने संबंधित अधिकारियों को बता दिया है कि वह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के समर्थन में है और राज्य में बहुविवाह पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहती है। उन्होंने कहा, यूसीसी एक ऐसा मामला है जिस पर फैसला संसद द्वारा किया जाएगा, लेकिन राज्य भी राष्ट्रपति की सहमति से इस पर फैसला ले सकता है।

सरमा ने कहा था, हम इसके एक खंड, बहुविवाह पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहते हैं। हम सितंबर में अगले विधानसभा सत्र में इस विधेयक को पेश करने की योजना बना रहे हैं और यदि हम किसी कारण से ऐसा करने में असमर्थ हुए, तो हम इसे जनवरी के सत्र करेंगे। विपक्षी दलों ने सरकार के फैसले को ध्यान भटकाने वाला और सांप्रदायिक बताया है, खासकर ऐसे समय में जब विधि आयोग को यूसीसी पर सुझाव मिल रहे हैं।

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