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Exams Tension: परीक्षा के तनाव से बचना है तो लें भरपूर नींद, करें योग और अभ्यास

Wed, 25 Jan 2023 05:48 AM IST
Amit Mandal एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

मनोवैज्ञानिक प्रभाव के रूप में यह तनाव चिंता, चिड़चिड़ापन एवं लाचारी जैसे भावनात्मक लक्षण भी नजर आते हैं। ऐसे में परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए समय रहते तनाव को दूर करना अत्यंत आवश्यक है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pexels.com
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विस्तार
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हम सभी को अपने जीवन में परीक्षा का सामना अवश्य करना पड़ता है। इस दौरान परीक्षा के तनाव को भी बहुत से विद्यार्थी परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान अनुभव करते हैं। यह तनाव अच्छा प्रदर्शन करने के दबाव व खुद या दूसरों की अपेक्षाओं को पूरा करने के भय का परिणाम होता है। नींद व भूख न लगना तथा ध्यान केंद्रित करने में समस्या होने के रूप में हम परीक्षा के तवान को अनुभव कर सकते हैं।
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तनाव को दूर करना अत्यंत आवश्यक
मनोवैज्ञानिक प्रभाव के रूप में यह तनाव चिंता, चिड़चिड़ापन एवं लाचारी जैसे भावनात्मक लक्षण भी नजर आते हैं। ऐसे में परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए समय रहते तनाव को दूर करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए हमें अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने के साथ ही भरपूर नींद लेना जरूरी है। हमें इस दौरान योग और अभ्यास (एक्सरसाइज) भी जरूर करना चाहिए। परीक्षा के समय अपनी पसंद की गतिविधियों के लिए समय निकालकर अपना ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। परीक्षा के दौरान एक अच्छा अध्ययन कार्यक्रम (स्टडी शेड्यूल) बनाना, ब्रेक लेना, और शांत रखनेे वाली तकनीकों का अभ्यास करके तनाव से बचा जा सकता है।

तनाव को कम करने के लिए अपनाएं ये तरीके
  • मन को शांत रखने के लिए विश्राम तकनीकों का अभ्यास जैसे कि गहरी सांस लेना, ध्यान एवं योग का नियमित अभ्यास करना।
  • शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालें, भले ही यह सिर्फ कुछ मिनटों की स्ट्रेचिंग हो या कुछ देर तेज चलना ही क्यों न हो।
  • शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को देखते हुए परीक्षा से पहले व इसके दौरान उचित नींद लेना सुनिश्चित करें।
  • अध्ययन के दौरान खुद को स्फूर्तिवान बनाने के लिए बीच-बीच में अल्प समय के लिए विराम लेना महत्वपूर्ण होता है।
  • अल्प विराम के दौरान सकारात्मक व मनपसंद कार्य कर सकते हैं।
  • परीक्षा से पूर्व या इसके दौरान अकेला व असहाय महसूस करने पर अपने परिजनों, मित्रों या वरिष्ठों से जरूर समस्या साझा करें।
  • कुछ गंभीर अवसादकारक मामलों में पेशेवर मनोवैज्ञानिकों की सहायता भी ली जा सकती है।
  • परीक्षा समाप्त होने पर सहपाठियों से तुरंत प्रश्नों पर चर्चा करने से बचें। कुछ उत्तर भिन्न मिल सकते हैं। ऐसे में पछतावा करना ठीक नहीं।
  • परीक्षा समाप्त होने के बाद सकारात्मक रूप से आनंददायक कार्य करना चाहिए।
 
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