डोनाल्ड ट्रंप के एक पूर्व सहयोगी ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के बारे में गलत सिद्धांतों को अपना रहे हैं क्योंकि मतदाताओं के उत्साह में हो रही वृद्धि से कमला हैरिस के प्रचार अभियान को फायदा हो रहा है। इससे ट्रंप हताश हो रहे हैं।
मुझे लगता है कि उन्हें महसूस हो रहा...
पूर्व राष्ट्रपति की एक समय प्रवक्ता रहीं सारा मैथ्यूज ने एक इंटरव्यू में कहा, 'मुझे लगता है कि उन्हें महसूस हो रहा है कि यह चुनाव उनके हाथ से फिसल रहा है। यही वजह है, जहां आप उन्हें षड्यंत्रों को रचते और उलझते हुए देख सकते हैं। उदाहरण के लिए हाल ही में एआई-जनित भीड़ वाला मामला, जिसे स्पष्ट रूप से आसानी से गलत साबित किया जा सकता है।'
गौरतलब है, कमला हैरिस की रैलियों में भारी संख्या में उत्साही भीड़ देखी जा रही हैं, लेकिन ट्रंप ने इसे खारिज कर दिया है। उनका कथित तौर पर कहना है कि ये भीड़, जो अक्सर तस्वीरों और वीडियो में कैद होती है, उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक द्वारा दिखाई जाती है।
यह पागलपन है
मैथ्यू ने कहा, 'मैं जानती हूं कि यह पागलपन है। वह इस बात पर जोर डाल रहे हैं, इसलिए कई लोग होंगे जो इस पर विश्वास करेंगे। जब वह हताश हो जाते हैं, तो यही होता है कि वह इन षड्यंत्र सिद्धांतों को आगे बढ़ाते हैं। ऐसे अन्य उदाहरण भी हैं, जहां ट्रंप ने ऐसे संदेशों को अपनाया, जिससे उनके अभियान को नुकसान पहुंचा।
हैरिस पर ट्रंप ने किया हमला
उन्होंने इंटरव्यू में ट्रंप के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने कमला हैरिस के बारे में कहा था, 'मुझे नहीं पता कि वह भारतीय है या अश्वेत है? मैं भारतीयों और अश्वेतों दोनों का ही सम्मान करता हूं लेकिन मुझे नहीं लगता कि हैरिस के मन में इन्हें लेकर सम्मान की भावना है? क्योंकि वह हमेशा से भारतीय थीं और खुद को भारत से जुड़ा हुआ बताती थी लेकिन अब वह अचानक से अश्वेत हो गई हैं।'
मैथ्यूज ने यह भी बताया कि कैसे ट्रंप ने जॉर्जिया में हाल ही में हुई रैली में ब्रायन केंप पर हमला किया। मैथ्यूज ने कहा, 'ये जीतने वाले अभियान संदेश नहीं हैं। लेकिन जब उन्हें लगता है कि उन पर हमला हो रहा है, तो वे यही करते हैं, यानी वे बचाव के ऐसे तरीके अपनाते हैं जो अभियान के लिए ज़्यादा मायने नहीं रखते।'