चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश के भिंड में जिला निर्वाचन अधिकारियों से मीडिया में आ रहीं उन रिपोर्टों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिनमें कहा जा रहा है कि एक अभ्यास कार्यक्रम के दौरान वीवीपीएटी से केवल भाजपा के निशान वाली पर्चियां ही निकल रही थीं। भिंड में अगले सप्ताह उपचुनाव होना है। वहीं मध्य प्रदेश की निर्वाचन अधिकारी सलीना सिंह ने मीडिया खबरों का खंडन किया है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स ऐसी भी आ रही हैं जिनके मुताबिक चुनाव आयोग ने भिंड के कलेक्टर और एसपी सहित 19 अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया है।
आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने जिला निर्वाचन अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और रिपोर्ट मिलने के बाद हम इस संबंध में कोई जवाब देंगे।’ वीवीपीएटी एक ऐसी मशीन होती है जिससे निकली पर्ची यह दिखाती है कि मतदाता ने किस पार्टी को वोट दिया है। मतदाता केवल सात सेकेंड तक इस पर्ची को देख सकता है। इसके बाद यह एक डिब्बे में गिर जाती है और मतदाता इसे अपने साथ नहीं ले जा सकता।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभ्यास के दौरान चाहे जो भी बटन दबाया गया उससे निकली सारी पर्चियां यह दिखा रही थीं कि वोट भाजपा को गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि मध्य प्रदेश की मुख्य चुनाव अधिकारी सलीना सिंह ने पत्रकारों को समाचार पत्रों में यह न्यूज देने पर उन्हें थाने में हिरासत में रखा जाएगा यह कहते देखा गया था।
EVM का बटन दबाने पर बीजेपी को गया वोट, दिग्विजय-केजरी बोले शुरू से भरोसा नहीं
सांकेतिक चित्र
यूपी चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद से इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी का मुद्दा छाया हुआ है। मध्य प्रदेश से ऐसी खबरें आ रही हैं कि ईवीएम का बटन दबाने पर बीजेपी को वोट जा रहे हैं। मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आना भी शुरू हो गई है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को ईवीएम पर भरोसा नहीं है। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ ही आप नेता अरविंद केजरीवाल भी शनिवार को मध्य प्रदेश (एमपी) के भिंड में ईवीएम में कथित खराबी के खुलासे की शिकायत लेकर चुनाव आयोग पहुंचे। उन्होंने आयोग से कहा है कि मशीन के ट्रायल के दौरान जिस तरह मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अलग-अलग बटन दबाए और वीवीपीएटी मशीन से भाजपा के चुनाव निशान की पर्ची निकली वह शिकायत के लिए पर्याप्त सुबूत है।
कांग्रेस नेताओं ने आयोग को मीडिया की मौजूदगी में बने वीडियो की पैन ड्राइव भी सौंपी है। कांग्रेस का कहना है कि सभी दल ईवीएम पर शंका जताते आए हैं। लिहाजा अब मतपत्रों से मतदान हों। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह, मोहन प्रकाश, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया आदि नेता ईवीएम में गड़बड़ी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की शिकायत लेकर शनिवार को चुनाव आयोग पहुंचे। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों आयुक्तों को एक ज्ञापन सौंपा है।
महासचिव मोहन प्रकाश ने कहा कि मध्य प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ईवीएम की ट्रायल के दौरान स्वयं बटन दबाया है और सच्चाई सामने आई है। ऐसे में पूरे देश में ईवीएम को लेकर उठ रही शंका को बल मिला है। खबर प्रकाशित न हो इसके लिए वहां मौजूद मीडिया के लोगों को जिलाधिकारी ने धमकाया। उन्होंने जेल भेजने की धमकी दी है। उनका कहना है कि आयोग को निष्पक्ष चुनाव के लिए तत्काल ईवीएम पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और वहां होने वाले उपचुनाव कुछ दिन टालकर बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस मशीन में गड़बड़ी सामने आई है वह यूपी से लाई गई है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि मुझे शुरू से ही ईवीएम पर भरोसा नहीं था। दुनिया के अधिकतर देशों में मतपत्रों से ही चुनाव होते हैं। विकसित देशों में भी मतपत्र से मतदान होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम में लगने वाली चिप में हेरफेर की जा सकती है। उन्होंने कहा लालकृष्ण आडवाणी, मायावती और अरविंद केजरीवाल ने ईवीएम को लेकर जो सवाल उठाए हैं मैं उसने सहमत हूं। फिलहाल गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए वहीं से मतपत्रों से मतदान की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। सिंधिया ने बताया कि आयोग ने आश्वस्त किया है कि उनकी शिकायत पर गंभीरता से विचार होगा।
Mujhe shuru se EVM pe bharosa nhi.Jb sare vishwa mein chunaav ballot paper se ho rahe hain, toh hume kya aitraaz hona chahiy:Digvijaya Singh pic.twitter.com/yh9EJBnvDM
— ANI (@ANI_news) April 1, 2017
EVM गड़बड़ी पर केजरीवाल बोले- गड़बड़ी भाजपा के ही साथ क्यों?
अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ईवीएम में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त मुलाकात करने के बाद कहा कि मध्य प्रदेश के भिंड में ईवीएम में हुई गड़बड़ी का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले असम और दिल्ली में भी गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं।
केजरीवाल ने मध्यप्रदेश के भिंड में चुनाव आयोग द्वारा किए गए ईवीएम के टेस्ट पर कहा, ''आखिर वीवीपीएटी में से दोनों भाजपा के ही पर्चे क्यों निकले? गड़बड़ी कांग्रेस या सपा के साथ क्यों नहीं होती सिर्फ बीजेपी के साथ ही क्यों होती है?''