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अमेरिका: चुपचाप गिलगित-बाल्टिस्तान पहुंचे अमेरिकी राजदूत ब्लोम, गार्सेटी ने कहा- भारत व पाकिस्तान सुलझाए मामला

Tue, 26 Sep 2023 02:48 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डेविड ब्लोम हाल ही में गिलगित-बाल्टिस्तान की छह दिवसीय यात्रा पर गए थे। यहां उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की थी। इस यात्रा को काफी गुप्त रखा गया था।
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एरिक गार्सेटी - फोटो : ani
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विस्तार
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इस्लामाबाद में अमेरिकी राजदूत डेविड ब्लोम के  पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के चुपचाप दौरे करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस बीच, भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने जी-20 बैठकों के लिए जम्मू-कश्मीर का भी दौरा किया है। उन्होंने कहा कि ब्लोम की यात्रा का मामला भारत व पाकिस्तान के बीच हल किया जाना चाहिए। 

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दरअसल, गार्सेटी पाकिस्तान में अमेरिका के राजदूत डोनाल्ड ब्लोम की पिछले सप्ताह पीओके की छह दिवसीय यात्रा से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे।


छह दिन की सीक्रेट यात्रा पर पहुंचे थे

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, डेविड ब्लोम हाल ही में गिलगित-बाल्टिस्तान की छह दिवसीय यात्रा पर गए थे। यहां उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की थी। इस यात्रा को काफी गुप्त रखा गया था। इसकी कोई जानकारी तब तक सामने नहीं आई थी, जब तक कि गिलगित-बाल्टिस्तान के डिप्टी स्पीकर के कार्यालय ने बयान जारी कर नहीं बताया।

ब्लोम ने यहां खाद्य एवं पर्यटन मंत्री गुलाम मुहम्मद से भी मुलाकात की थी। 

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मेरा काम नहीं...

अमेरिकी राजदूत गार्सेटी ने कहा, ‘पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत पर प्रतिक्रिया देना मेरा काम नहीं है, लेकिन मैं जानता हूं कि वह पहले भी आ चुके हैं और जाहिर तौर पर जी-20 के दौरान भी जम्मू-कश्मीर में हमारे प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि हम बातचीत जारी रखेंगे। पर मामले को भारत और पाकिस्तान के बीच सुलझाना चाहिए। न कि अमेरिका सहित किसी तीसरे पक्ष द्वारा इसे हल किया जाना चाहिए। 

रिपोर्ट के अनुसार, ब्लोम ने गिलगित बाल्टिस्तान की अपनी यात्रा से कुछ दिन पहले बंदरगाह शहर ग्वादर का भी दौरा किया, जहां चीन सीपीईसी के हिस्से के रूप में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को रूप दे रहा है। हालांकि, इस यात्रा पर गिलगित-बाल्टिस्तान में विपक्षी नेता काजिम मेसुम ने सवाल उठाए हैं। 

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विपक्षी नेता ने उठाए सवाल
विपक्षी नेता काजिम मेसुम ने गिलगित बाल्टिस्तान विधानसभा में शुक्रवार को कहा था कि अमेरिकी राजदूत की गुपचुप यात्रा का यहां की सरकार को नहीं पता था। इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के राजदूत के लिए क्षेत्र का दौरा करने के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया होती है।

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