पश्चिम बंगाल सरकार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि राज्य में चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों की घर वापसी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि राज्य में चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों की घर वापसी सुनिश्चित करें। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि उन क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखें, जहां कथित तौर पर हिंसा हुई है। पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
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अदालत में हिंसा से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई
न्यायमूर्ति हरीश टंडन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने लोकसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में हिंसा के आरोपों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस को ये निर्देश दिए। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाओं पर बुधवार को फिर से सुनवाई की जाएगी।
पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाई जा सकती है
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कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती को जारी रखने के संबंध में लिखित आदेश भी जारी किया जा सकता है। इससे पहले अदालत ने राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती 21 जून तक बनाए रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि चुनाव के बाद राज्य में हिंसा के संबंध में गंभीर आरोप लगाए गए हैं, ऐसे परिदृश्य में केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखना आवश्यक है।
महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत से क्या कहा?
पश्चिम बंगाल के महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत को बताया कि चार जून से लेकर 18 जून तक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय को ईमेल के जरिए हिंसा से जुड़ी कुल 859 शिकायतें प्राप्त हुईं हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने हिंसा की घटनाओं से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं।