ईएनपीओ 2010 से एक अलग राज्य की मांग कर रहा है, उसका दावा है कि नगालैंड के पूर्वी हिस्से के मोन, तुएनसांग, लॉन्गलेंग, किफिरे, नोकलाक और शामतोर जिलों को हमेशा उपेक्षित किया गया है।
पूर्वी नगालैंड लोग संगठन (ईएनपीओ) ने राज्य के छह जिलों में कथित सार्वजनिक आपातकाल का एलान करते हुए राज्य में लोकसभा चुनाव के दौरान किसी भी दल को चुनाव प्रचार नहीं करने का निर्णय लिया है। साथ ही ईएनपीओ ने 8 मार्च को छह जिलों में बंद की घोषणा की है।
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पृथक सीमांत नगा प्रांत (एफएनटी) बनाने की मांग करते हुए संगठन ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से गृह मंत्रालय के जरिये एफएनटी के निर्माण के प्रस्ताव को निपटाने में देरी के चलते जनजातीय निकाय और फ्रंटल संगठन तत्काल प्रभाव से पूरे पूर्वी नगालैंड में सार्वजनिक आपातकाल की घोषणा करते हैं।
ईएनपीओ 2010 से एक अलग राज्य की मांग कर रहा है, उसका दावा है कि नगालैंड के पूर्वी हिस्से के मोन, तुएनसांग, लॉन्गलेंग, किफिरे, नोकलाक और शामतोर जिलों को हमेशा उपेक्षित किया गया है। लिहाजा, इन जिलों के विकास के लिए एफएनटी बनाया जाए। ईएनपीओ ने कहा कि इस संबंध में चुनाव के बाद के किसी भी आश्वासन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।