पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता के घर छापा मारने गए ईडी के अधिकारियों पर समर्थकों के हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने एफआईआर दर्ज कराई है। एजेंसी ने बयान में बताया कि पश्चिम बंगाल में छापेमारी के दौरान भीड़ ने हमारे अधिकारियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और बटुए तक छीन लिए। हमले में तीन अधिकारियों को गंभीर चोटें आईं हैं।
ईडी ने दिया बयान
ईडी ने शुक्रवार रात को एक बयान में कहा कि उसके अधिकारी सुबह राशन वितरण घोटाले की जांच के लिए उत्तर 24 परगना के संदेशखली में टीएमसी नेता व ब्लॉक अध्यक्ष शाहजहां शेख के तीन परिसरों की तलाशी के लिए गए थे। एक जगह शेख का घर अंदर से बंद था लेकिन उसके मोबाइल की लोकेशन घर के अंदर ही दिख रही थी। टीम ने उससे संपर्क किया लेकिन उसने गेट खोलने से मना कर दिया। इसके आधे घंटे के अंदर ही लाठियों, पत्थरों और ईंटों से लैस 800-1000 लोगों की हिंसक भीड़ ने ईडी की टीम और 27 सीआरपीएफ जवानों पर हमला बोल दिया। ईडी ने आशंका जताई कि शेख और उनके सहयोगियों के उकसावे पर भीड़ ने ईडी अधिकारियों को मौत के घाट उतारने के मकसद से हमला किया। गंभीर रूप से घायल अधिकारियों को अपचार के लिए साल्टलेक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईडी के एक अधिकारी ने हमले को अप्रत्याशित बताया।
राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस ने की घायल अधिकारियों से मुलाकात
इस बीच, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस घायल ईडी अधिकारियों से मुलाकात करने अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने ड्यूटी के दौरान हमले में घालय अधिकारियों का हाल जाना।
गरम हुई राजनीति
इस घटना से सियासी पारा चढ़ गया है। मामले की जांच भाजपा ने एनआईए से कराने की मांग की है। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखे जाने की बात सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष डॉ. सुकांत मजूमदार ने मामले की एनआईए जांच की मांग की है।