सूत्रों के मुताबिक, घोटाले में बिचौलियों के रूप में काम करने वाले लोगों के आवासों और कार्यालयों पर छापे मारे गए हैं। इनमें प्रसन्न राय नामक एक बिचौलिए के छह फ्लैट की तलाशी ली गई।
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोलकाता में आठ ठिकानों पर छापे मारे। कोलकाता के न्यू टाउन और नयाबाद में ईडी की कार्रवाई के तहत बिचौलियों के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक, घोटाले में बिचौलियों के रूप में काम करने वाले लोगों के आवासों और कार्यालयों पर छापे मारे गए हैं। इनमें प्रसन्न राय नामक एक बिचौलिए के छह फ्लैट की तलाशी ली गई। उसके करीबी सहयोगी रोनित झा के आवास पर भी छापे मारे गए। वह हाल ही में जमानत पर रिहा हुआ है।
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झा को राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और तृणमूल विधायक जीबन कृष्ण साहा का भी करीबी माना जाता है। मामले में संलिप्तता को लेकर चटर्जी और साहा फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। बताया गया है कि बिचौलिये धन इकट्ठा करते थे और इसे विभिन्न पतों पर भेजते थे।
क्या था मामला
दरअसल, शिक्षक भर्ती मामले में तृणमूल कांग्रेस नेता कुंतल घोष की शिकायत में टीएमसी महासचिव का नाम सामने आया था। घोष ने आरोप लगाया था कि भर्ती मामले में अभिषेक बनर्जी का नाम लेने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा उन पर दबाव डाला जा रहा था। जिसके बाद स्कूल भर्ती घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए बनर्जी को पेश होने के लिए कहा गया था। घोष इस मामले में आरोपी हैं।