फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Anand Mahindra: PUC नहीं होने पर इलेक्ट्रिक स्कूटर का चालान काटा, अब आनंद महिंद्रा ने दी ये प्रतिक्रिया

Sun, 11 Sep 2022 09:09 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अरबपति कारोबारी ने अपने ट्वीट में लिखा- "और आप सोचते हैं कि इलेक्ट्रिक की राह पर आगे बढ़ने में सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर है।" आनंद महिंद्रा ने इसके साथ ही कनफ्यूजन को प्रदर्शित करने वाली इमोजी शेयर की।
विज्ञापन
आनंद महिंद्रा - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल की ट्रैफिक पुलिस ने हाल ही में पॉल्युशन कंट्रोल सर्टिफिकेट न दिखाने पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटर का चालान काट दिया था। यह मामला सोशल मीडिया पर अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इसको लेकर चुटकी ली है। 
विज्ञापन


अरबपति कारोबारी ने अपने ट्वीट में लिखा- "और आप सोचते हैं कि इलेक्ट्रिक की राह पर आगे बढ़ने में सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर है।" आनंद महिंद्रा ने इसके साथ ही कनफ्यूजन को प्रदर्शित करने वाली इमोजी शेयर की। एक कमेंट में उन्होंने सवाल किया कि हर तरह से क्या इलेक्ट्रिक वाहन वास्तव में नॉन-पॉल्यूटिंग हैं?

क्या है पूरा मामला ?
केरल पुलिस की एक टीम ने एक इलेक्ट्रिक स्कूटर मालिक पर इसलिए जुर्माना लगाया क्योंकि वह पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसीसी) नहीं दिखा पाया। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किए गए वाहन और ई-चालान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं। इसको लेकर ट्रैफिक पुलिस को ट्रोल किया गया। 
विज्ञापन


ई-चालान के अनुसार, यह चालान केरल के मल्लपुरम जिले के नीलांचेरी में जारी किया गया था। रसीद पर लिखा है- यह 250 रुपये का चालान पीयूसीसी ना होने पर काटा गया है। जुर्माना मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 की धारा 213 (5) (ई) के तहत लगाया गया है। 

वहीं पुलिस की ओर से कहा गया है कि यह गलती से टाइप किया गया था। यह घटना तब हुई जब चालक दल ने पिछले सप्ताह करुवरकुंडु पुलिस थाने के तहत नालांचेरी में वाहनों को रोका और यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया। 

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाने वाला व्यक्ति अपना ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने में विफल रहा। उन्होंने कहा कि उनके पास न तो कोई प्रिटेंड डॉक्यूमेंट था, न ही उनके लाइसेंस की सॉफ्ट कॉपी। हालांकि टिकट जारी करते समय अधिकारी ने मशीन में एक गलत अपराध संख्या टाइप की जिससे एक पीयूसीसी टिकट निकला। 

इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह उन दोपहिया वाहनों के लिए आवश्यक है जिनके पास पंजीकरण संख्या है। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस न होने का जुर्माना बहुत बड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें