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Election results: लड्डू और ढोल नगाड़े ही नहीं हार का ठीकरा फोड़ने का सामान भी लाए थे कांग्रेसी, ये थी तैयारी

आशीष तिवारी
Updated Sun, 03 Dec 2023 03:05 PM IST

सार

कांग्रेस मुख्यालय में सुबह से दिल्ली और आसपास के राज्यों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहुंचने लगे थे। राहुल प्रियंका गांधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश शर्मा अपनी पूरी टीम के साथ जीत और हार दोनों तरह से इंतजाम करके पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। जैसे-जैसे चुनावी राज्यों की तस्वीर सरकार बनने के लिहाज पर स्पष्ट होती गई, कांग्रेस पार्टी कार्यालय में ईवीएम को लेकर विरोध होना शुरू हो गया...
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Election results: Congress Office - फोटो : Amar Ujala

दोपहर तक तस्वीर करीब-करीब साफ हो चुकी थी कि देश के चार राज्यों के आने वाले नतीजे क्या हैं? कांग्रेस मुख्यालय में चुनावी परिणाम को लेकर बीती रात से की जा रही तैयारी में जीत का जश्न मनाने के तौर पर ढोल, नगाड़े, फूल माला और लड्डुओं के साथ साथ हार का ठीकरा भी फोड़ने का पूरा सामान भी कांग्रेस के कार्यकर्ता लेकर आए थे। जैसे ही रुझानों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती नजर आई, वैसे ही कांग्रेस पार्टी मुख्यालय के भीतर ईवीएम के विरोध की बड़ी मात्रा में तख्तियां बाहर निकलने लगीं।


कांग्रेस मुख्यालय में सुबह से दिल्ली और आसपास के राज्यों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहुंचने लगे थे। राहुल प्रियंका गांधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश शर्मा अपनी पूरी टीम के साथ जीत और हार दोनों तरह से इंतजाम करके पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। जैसे-जैसे चुनावी राज्यों की तस्वीर सरकार बनने के लिहाज पर स्पष्ट होती गई, कांग्रेस पार्टी कार्यालय में ईवीएम को लेकर विरोध होना शुरू हो गया। दिल्ली निवासी परबीन खान बताती हैं कि वह अपने साथ ईवीएम के विरोध की तख्तियां भी साथ लेकर आई थीं। वोटिंग मशीन का विरोध करने वाली तख्तियों को लाने के पीछे उनका तर्क था कि उनको पहले से अंदाजा हो गया था कि भाजपा सरकार इन मशीनों में गड़बड़ी करके चुनाव जीत सकती है। इसीलिए वह अपने साथ फूल माला और मिठाई की बजाए ईवीएम के विरोध की तख्ती लेकर आईं थीं। जिसे पार्टी मुख्यालय के बाहर गाड़ियों में रख दिया गया था।

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Election results: Congress Office - फोटो : Amar Ujala

दोपहर तक तस्वीर करीब-करीब साफ हो चुकी थी कि देश के चार राज्यों के आने वाले नतीजे क्या हैं? कांग्रेस मुख्यालय में चुनावी परिणाम को लेकर बीती रात से की जा रही तैयारी में जीत का जश्न मनाने के तौर पर ढोल, नगाड़े, फूल माला और लड्डुओं के साथ साथ हार का ठीकरा भी फोड़ने का पूरा सामान भी कांग्रेस के कार्यकर्ता लेकर आए थे। जैसे ही रुझानों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती नजर आई, वैसे ही कांग्रेस पार्टी मुख्यालय के भीतर ईवीएम के विरोध की बड़ी मात्रा में तख्तियां बाहर निकलने लगीं।


कांग्रेस मुख्यालय में सुबह से दिल्ली और आसपास के राज्यों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहुंचने लगे थे। राहुल प्रियंका गांधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश शर्मा अपनी पूरी टीम के साथ जीत और हार दोनों तरह से इंतजाम करके पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। जैसे-जैसे चुनावी राज्यों की तस्वीर सरकार बनने के लिहाज पर स्पष्ट होती गई, कांग्रेस पार्टी कार्यालय में ईवीएम को लेकर विरोध होना शुरू हो गया। दिल्ली निवासी परबीन खान बताती हैं कि वह अपने साथ ईवीएम के विरोध की तख्तियां भी साथ लेकर आई थीं। वोटिंग मशीन का विरोध करने वाली तख्तियों को लाने के पीछे उनका तर्क था कि उनको पहले से अंदाजा हो गया था कि भाजपा सरकार इन मशीनों में गड़बड़ी करके चुनाव जीत सकती है। इसीलिए वह अपने साथ फूल माला और मिठाई की बजाए ईवीएम के विरोध की तख्ती लेकर आईं थीं। जिसे पार्टी मुख्यालय के बाहर गाड़ियों में रख दिया गया था।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ये इंतजाम भी किए थे - फोटो : अमर उजाला

चुनाव के रुझानों के परिणाम में बदलने के साथ-साथ पार्टी मुख्यालय के भीतर जमकर नारेबाजी भी शुरू हो गई। पार्टी मुख्यालय में मौजूद राहुल-प्रियंका गांधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश शर्मा कहते हैं कि जिस तरीके से राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद लोगों में उत्साह और समर्थन बना हुआ था, वह सिर्फ और सिर्फ इन मशीनों के जरिए ही बदला जा सकता था। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईवीएम में हुई छेड़खानी के चलते ही यह रुझान परिणामों के तौर पर तब्दील हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने दोपहर तक के परिणाम पर पूरा ठीकरा ईवीएम पर फोड़ दिया।  

पार्टी कार्यालय पर रुझानों के परिणामों में बदलने पर मिली-जुली प्रतिक्रिया भी सामने आई। दिल्ली राजौरी गार्डन के विधानसभा उपाध्यक्ष हरजोत कहते हैं कि उनका अनुमान तो था कि वह यह सभी राज्य जीतने वाले हैं। क्योंकि उनकी पार्टी ने मजबूती के साथ तैयारी की थी। लेकिन निश्चित तौर पर कहीं ना कहीं कोई बड़ी कमी जरूर रही होगी, जिसके चलते यह परिणाम आए हैं। वह कहते हैं कि उनके लिए यह वक्त मंथन का है, क्योंकि अगले साल लोकसभा के चुनाव होने हैं और लोकसभा चुनाव के साथ-साथ कई राज्यों के विधानसभा के चुनाव भी होने हैं। इसलिए वह इन परिणामों के साथ आगे की रणनीतियों पर अपने शीर्ष नेतृत्व के दिशा निर्देशन में फिर से मजबूती से काम करेंगे ताकि लोकसभा के चुनाव में बेहतर ढंग से मैदान में उतर जा सके।

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