उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम का एलान होने के बाद से सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अगर कांग्रेस चाहे तो हम सब मिलकर 2024 का आम चुनाव लड़ सकते हैं। अभी के लिए आक्रामक न हों, सकारात्मक रहें। यह जीत भाजपा के लिए एक बड़ी क्षति साबित हो सकती है। 2022 के चुनाव परिणाम 2024 चुनावों के भाग्य का फैसला करेंगे।
उन्होंने कहा कि ईवीएम की लूट हुई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को निराश नहीं होना चाहिए और उन्हें मशीनों की फॉरेंसिक जांच करानी चाहिए। अखिलेश यादव का वोट प्रतिशत इस बार 20% से बढ़कर 37% हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल जो भाजपा से लड़ना चाहते हैं, उन्हें साथ चलना चाहिए। कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो रही है, हम कांग्रेस पर निर्भर नहीं रह सकते हैं।
सच्चा जनादेश नहीं : ममता
भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने की मुहिम पर ममता बनर्जी ने कहा कि किसी भी संभावित विपक्षी गठबंधन से कांग्रेस को दूर रखा जाएगा। उन्होंने भाजपा को हराने के लिए विपक्षी गठबंधन की बात दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठे रहने का कोई अर्थ नहीं है। कांग्रेस के अंदर उत्साह की कमी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को चार राज्यों में विधानसभा चुनावों में मिली जीत सच्चा जनादेश नहीं है। भाजपा पर चुनाव मशीनरी का दुरुपयोग कर वोट लूटने का आरोप लगाया।
मतदाताओं की पसंद को नजरअंदाज कर रहीं हैं ममता : भाजपा
ममता बनर्जी की टिप्पणी पर भाजपा ने कड़ा एतराज जताया है। भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा है कि ममता ने जनादेश पर सवाल उठाकर मतदाताओं की पसंद को नजरअंदाज किया है। मालवीय ने कहा कि बार-बार प्रयास करने के बावजूद ममता विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के साझा उम्मीदवार को लेकर अपने नाम पर सहमति बनाने में नाकाम रहीं। कहा, बनर्जी को बतौर सीएम और गृहमंत्री अपने ट्रैक रिकॉर्ड को देखना चाहिए।
सुवेंदु ने किया पलटवार
इस पर पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी को 2029 के बारे में सोचना चाहिए। 2024 के चुनाव के नतीजे साफ हो गए हैं, फिर एक बार मोदी सरकार। इस बार 400 पार।
सावंत बोले- 14 मार्च से विधानसभा भंग करने का संकल्प
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि आज कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक थी जिसमें हमने सभी को धन्यवाद दिया। हमने 14 मार्च से विधानसभा भंग करने का संकल्प भी लिया क्योंकि कार्यकाल समाप्त हो रहा है। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह केंद्रीय पर्यवेक्षक द्वारा तय किया जाएगा। इस बीच गोवा भाजपा के प्रभारी सीटी रवि ने कहा कि गोवा में हमारा वोट शेयरिंग भी 2 प्रतिशत बढ़ गया है। हमारी 7 सीटें भी बढ़ गईं हैं। 2017 में भाजपा को 13 सीटें मिली थीं। इस बार 20 सीटें मिली हैं। उस समय 32 प्रतिशत वोट शेयर मिला था। इस बार हमें लगभग 34 प्रतिशत मिला है।
बीरेन सिंह ने सौंपा इस्तीफा
मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा कि मणिपुर में भाजपा को पूर्ण बहुमत (32 सीटें) मिला है। हम एनपीपी के साथ कोई गठबंधन नहीं करने जा रहे हैं। एनपीएफ शायद और कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी हमें समर्थन देने की इच्छा व्यक्त की। केंद्रीय नेताओं के परामर्श से निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है, लेकिन उन्होंने मुझे नई सरकार के शपथ ग्रहण तक जारी रखने के लिए कहा। हमारी विधानसभा 19 मार्च तक चलेगी, इसलिए शपथ ग्रहण समारोह उसी के अनुसार होगा।