पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद चुनाव आयोग भी पूरी तरह से चुनावी तैयारियों में जुट गया है। इसी बीच निर्वाचन आयोग शुक्रवार को उन पर्यवेक्षकों के साथ डिजिटल बैठक करेगा, जिन्हें पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान तैनात किया जाना है।
विज्ञापन
आयोग के शीर्ष अधिकारी विभिन्न सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों को चुनाव ड्यूटी के दौरान उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी देंगे। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से सात मार्च के बीच होने हैं और मतगणना 10 मार्च को होगी।
आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और विभिन्न लेखा सेवाओं के अधिकारियों को पर्यवेक्षक के तौर पर सेवा के लिए तैयार किया जाता है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद आयोग आमतौर पर पर्यवेक्षकों को उन्हें सौंपी गई भूमिकाओं के बारे में जानकारी देता है। बैठक के दौरान, निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षकों को चुनाव प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के बारे में व्यापक जानकारी दी जाती है।
विज्ञापन
वहीं, आयोग चुनावी रैलियों, रोड शो और पद यात्राओं पर लगी पाबंदियों को लेकर शनिवार को चर्चा कर सकता है। आठ जनवरी को पांच राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए, निर्वाचन आयोग ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों पर 15 जनवरी तक के लिए पाबंदी लगा दी थी।