वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि हमने आयोग को चुनावी गड़बड़ियों के अनेक उदाहरण भी दिए हैं कि किस तरह से प्राईवेट स्कूल बस के ज़रिए, जिसका कोई नंबर नहीं था, ईवीएम ट्रांसपोर्ट हो रही हैं। इसका कोई ईवीएम ट्रैकिंग सिस्टम भी नहीं है। कौन सी ईवीएम कहां जाती हैं, ये किसी को मालूम नहीं है।
मतदान के दौरान जिन मशीनों का इस्तेमाल नहीं हुआ, उन्हें और कहीं रखा जाना चाहिए। उनकी मतदान गणना केन्द्र में कोई जरुरत नहीं है, लेकिन उन्हें इस्तेमाल हो चुकी ईवीएम के साथ ही रखा जा रहा है।इससे गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है।
भाजपा अध्यक्ष को नोटिस दिया जाना चाहिए
खासतौर पर तेलंगाना के बारे में सिब्बल ने कहा, हमने चुनाव आयोग से मांग की है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को नोटिस जाना चाहिए, क्योंकि तेलंगाना में उन्होंने ऐसा एक बयान दिया है, जो बिल्कुल गलत है, झूठ है और जानबूझ कर दिया गया है। उन्होंने जो बयानबाज़ी की है, उससे एक साम्प्रदायिक वातावरण पैदा हो सकता है। चुनाव आयोग को खुद ही इस संदर्भ में अमित शाह को नोटिस देना चाहिए।
कांग्रेस पार्टी के तेलंगाना अध्यक्ष को गिरफ्तार क्यों किया गया
तेलंगाना के मामले में सिब्बल ने चुनाव आयोग को बताया है कि श्री रेवंत रेड्डी जो कांग्रेस पार्टी की तेलंगाना प्रदेश इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, उनको तीन बजे रात को गिरफ्तार किया गया। उन्हें ये भी नहीं बताया कि गिरफ़्तार क्यों किया गया है। अध्यक्ष को गिरफ्तार करने का मतलब किसी भी तरीके से कांग्रेस पार्टी को राजनीतिक चोट पहुंचाना था।
हमने आयोग से मांग की है कि चुनाव के दौरान कोई गिरफ्तार न किया जाए। साथ ही यह मांग भी रखी है कि केयरटेकर मुख्यमंत्री द्वारा कैबिनेट नहीं बुलानी चाहिए। छत्तीसगढ़ में जिस तरह से कुछ अफ़सरों को बुलाकर आदेश दिए जा रहे हैं, वह गलत हैं।