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लाभ का पद मामले में चुनाव आयोग ने खारिज की आप विधायकों की याचिका

Tue, 25 Sep 2018 10:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चुनाव आयोग ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी को करारा झटका दिया है। चुनाव आयोग ने लाभ का पद मामले में फंसे आम आदमी पार्टी के उन 20 विधायकों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को गवाह बनाने की मांग की थी। लाभ का पद मामले में आरोपों का सामना कर रहे आप के 20 विधायकों ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया था कि वो दिल्ली सरकार के अधिकारियों से जिरह करे।

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मंगलवार को जारी अपने आदेश में आयोग ने कहा कि इस मामले में सबूत देने के लिए गवाहों को फिर से बुलाए जाने की कोई जरूरत नहीं है। जहां तक लाभ के पद का सवाल है, इस मामले में जो दस्तावेज और हलफनामे पेश किए गए हैं, वह काफी हैं और इस मामले में दोबारा से पूछताछ की कोई जरूरत नहीं है। आयोग ने कहा कि यह साबित करने के लिए कि याचिकाकर्ताओं ने संसदीय सचिवों का पद लेकर कोई लाभ नहीं उठाया है, इसे साबित करने के लिए गवाहों को फिर से बुलाने की जरूरत नहीं है।

चुनाव आयोग में लाभ के पद लेने के आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों का कहना था कि यह पता लगाने के लिए अधिकारियों से जिरह जरूरी है कि विधायकों को संसदीय सचिवों के पद पर रहने से कोई लाभ हुआ है अथवा नहीं। इससे पहले आयोग लाभ के पद मामले में याचिकाकर्ता प्रशांत पटेल से जिरह करने की आम विधायकों की याचिका को पहले ही खारिज कर चुका है।
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याचिका के खारिज करने के बाद विधायकों ने आयोग के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पटेल से जिरह नहीं की जा सकती, लेकिन विधायक दिल्ली सरकार के अधिकारियों से जिरह करने को लेकर नए सिरे से चुनाव आयोग का रुख कर सकते हैं।

आयोग ने अपने आदेश में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए कहा था कि यदि विधायक अधिकारियों को गवाहों के रूप में बुलाए जाने के लिए आवेदन करते हैं, तो उन्हें पूरा विवरण देना होगा कि किसी विशिष्ट दस्तावेज के लिए जिरह करना क्यों जरूरी है। आयोग ने कहा कि उनके आवेदन में विस्तृत विवरण नहीं था और यह निर्धारित प्रारुप में नहीं लिखी गई थी।

अपने आदेश में आयोग ने कहा कि आवेदन करते वक्त विवरण साझा नहीं किया गया, सिर्फ इतना लिखा गया कि उक्त विभाग के संबंधित अधिकारी को जिरह के लिए समन किया जाए, साथ ही गवाह का कोई नाम भी नहीं बताया गया। आदेश में लिखा कि गवाहों के नाम और विरण न होने की वजह से समन जारी करना मुश्किल था, जिसके चलते अर्जी को खारिज कर दिया गया।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग लाभ का पद मामले में अयोग्य ठहराए गए आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों के मामले की फिर से सुनवाई कर रहा है। आयोग ने 19 जनवरी को अपने आदेश में आप के 20 विधायकों को अयोग्य करार दिया था। जिसके बाद राष्ट्रपति ने अगले दिन आयोग की राय को स्वीकार कर लिया था। जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने आयोग के फैसले को खारिज कर दिया।

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