कर्नाटक राज्य साइबर कमांड ने डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कथित तौर पर खुद को सीबीआई और ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के रूप में पेश करके 74 वर्षीय महिला से 24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी। यह जानकारी पुलिस ने सोमवार को दी।
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23 फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर किए पैसे
उन्होंने आगे बताया कि महिला ने 26 बार लेनदेन के लिए अपने बैंक खाते से 24 करोड़ रुपये निकले।इसके साथ ही पीड़िता ने देश भर के 10 बैंकों में फैले 23 फर्जी बैंक खातों में इस पैसे को स्थानांतरित किए। पुलिस के अनुसार, धोखाधड़ी का खुलासा 24 अप्रैल को हुआ, जब बैंक ने साइबर कमांड यूनिट को संदिग्ध लेनदेन के प्रयासों के बारे में सूचित किया। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़ित को समझाया। इस तरह, जालसाज के खाते में और धनराशि स्थानांतरित होने से रोककर 3 करोड़ रुपये बचाए गए।
पुलिस ने क्या कहा?
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क्या डिजिटल अरेस्ट?
पुलिस ने अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए छह मोबाइल फोन भी जब्त किए। डिजिटल अरेस्ट साइबर अपराध का एक बढ़ता हुआ रूप है, जिसमें धोखेबाज कानून प्रवर्तन अधिकारियों, अदालती अधिकारियों या सरकारी एजेंसियों के कर्मचारियों के रूप में खुद को पेश करते हैं। वही, ऑडियो और वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ितों को डराते-धमकाते हैं। वह पीड़ितों को बंधक बना लेते हैं और उन पर पैसे देने का दबाव डालते हैं।