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Delhi Liquor Scam: केसीआर की बेटी कविता को नौ मार्च को पेश होने के लिए ED का समन, BRS MLC ने मांगी नई तारीख

Wed, 08 Mar 2023 11:43 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इससे पहले दिल्ली आबकारी नीति मामले में आरोपी कविता के चार्टर्ड अकाउंटेंट बुचिबाबू गोरांटला को सोमवार को कोर्ट से राहत मिली थी। राउज एवेन्यू कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी।
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के. कविता - फोटो : ANI
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विस्तार
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी और बीआएस एमएलसी के. कविता को प्रवर्तन निदेशालय ने समन भेजा है। ईडी ने कविता को दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ईडी ने उन्हें नौ मार्च यानी गुरुवार को बुलाया है। कविता बुधवार रात दिल्ली पहुंच चुकी हैं। हालांकि, उन्होंने ईडी के समक्ष पेशी के लिए नई तारीख की मांग की है।

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इससे पहले दिल्ली आबकारी नीति मामले में आरोपी कविता के चार्टर्ड अकाउंटेंट बुचिबाबू गोरांटला को सोमवार को कोर्ट से राहत मिली थी। राउज एवेन्यू कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। बता दें कि सीबीआई की टीम ने चार्टर्ड अकाउंटेंट बुचिबाबू को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। 

सीबीआई ने सीए बुचिबाबू गोरांटला को नीति के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित भूमिका और हैदराबाद स्थित थोक-खुदरा लाइसेंसधारियों, उनके लाभार्थी मालिकों को गलत लाभ पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 
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कविता बोलीं- पेशी की तारीख पर कानून राय लूंगी
समन पर कविता ने किहा कि मुझे ईडी ने नौ मार्च को दिल्ली में पेश होने के लिए समन भेजा है। कानून का पालन करने वाले नागरिक के तौर पर मैं जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग करूंगी। हालांकि, धरना और पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों की वजह से मैं पेशी को लेकर कानूनी राय देखूंगी।

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क्या है मामला?
दरअसल, एलजी ने दिल्ली के सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। पिछले साल आठ जुलाई को यह रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसमें पिछले साल लागू की गई आबकारी नीति पर सवाल उठाए गए थे। आबकारी नीति (2021-22) बनाने और उसे लागू करने में लापरवाही बरतने के साथ ही नियमों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में गंभीर चूक के आरोप हैं। आरोपों में निविदा को अंतिम रूप देने में अनियमितताएं और चुनिंदा विक्रेताओं को टेंडर के बाद लाभ पहुंचाना भी शामिल है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया था कि शराब बेचने की वालों की लाइसेंस फीस माफ करने से सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आबकारी मंत्री के तौर पर मनीष सिसोदिया पर भी इन प्रावधानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया था।

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