ईडी ने केएसबीएल के चेयरमैन और एमडी सी पार्थसारथी का बयान दर्ज करने के बाद केएसबीएल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में बुधवार को हैदराबाद समेत देशभर में कई स्थानों पर छापे मारे हैं। ईडी ने 5 सितंबर को हैदराबाद की चंचलगुड़ा केंद्रीय जेल में बंद मुख्य आरोपी पार्थसारथी का बयान दर्ज किया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड (केएसबीएल) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में बुधवार को हैदराबाद में कई जगहों और देशभर में कई स्थानों पर छापा मारा। यह कार्रवाई केएसबीएल के चेयरमैन और एमडी सी पार्थसारथी का बयान दर्ज करने के बाद हुई।
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छापे केएसबीएल और पार्थसारथी व अन्य गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े आवासीय परिसरों, कार्यालयों मारे गए। ईडी ने 5 सितंबर को हैदराबाद की चंचलगुड़ा केंद्रीय जेल में बंद मुख्य आरोपी पार्थसारथी का बयान दर्ज किया था।
ईडी अधिकारियों ने अगले दो दिन तक उनसे पूछताछ की थी। एजेंसी ने हैदराबाद पुलिस की सेंट्रल क्राइम स्टेशन (सीसीएस) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था।
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इंडसइंड बैंक ने कार्वी के खिलाफ सीसीएस के डिटेक्टिव विभाग (डीडी) में मामला दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया था कि कार्वी ने बैंक से 137 करोड़ रुपये का क्रेडिट लिया था लेकिन उसने इस पैसे का इस्तेमाल अपने और संबंधित कारोबारी कंपनियों में किया।
सीसीएस ने इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक और क्लाइंट से धोखाधड़ी के लिए चार मामले दर्ज किए हैं। एचडीएफसी ने 359 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इस मामले में पार्थसारथी समेत दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है।