असम पुलिस की सीआईडी शाखा श्यामकानु महंता के खिलाफ जांच कर रही है। उनपर न सिर्फ असम के सांस्कृतिक आइकन ज़ुबीन गर्ग की मौत का आरोप है, बल्कि उनके वित्तीय अपराध और बेनामी संपत्तियों के मामले भी सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, ED-IT ने CID मुख्यालय का दौरा किया और अब वे जांच में शामिल हो सकते हैं।
असम पुलिस की क्राइम ब्रांच (सीआईडी) श्यामकानु महंता के खिलाफ चल रही जांच में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग (आईटी) भी शामिल हो सकते हैं। श्यामकानु महंता वही इवेंट मैनेजर हैं जिन पर असम के सांस्कृतिक आइकन जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े आरोप हैं। सीआईडी ने जांच में पाया है कि महंता ने पिछले 20 वर्षों में वित्तीय अनियमितताएं की हैं। इनमें उनका नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) में काम करते समय किए गए घोटाले भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, ईडी और आईटी विभाग के अधिकारी पहले ही सीआईडी मुख्यालय का दौरा कर चुके हैं और मामले की जानकारी ली है। अब वे सीआईडी के साथ इस जांच में शामिल हो सकते हैं और जल्द ही इस पर औपचारिक निर्णय लिया जा सकता है।
तलाशी में मिले दस्तावेज और सामान
बता दें कि श्यामकानु महंता के घर से कई पैनकार्ड जब्त किए गए, जो एक ही कंपनी के नाम पर थे। लगभग 30 स्टैम्प सील जब्त किए गए, जिनमें कई कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के नाम के सील शामिल थे। इसके साथ ही कई बेनामी संपत्तियों और अन्य वित्तीय दस्तावेज भी मिले। हालांकि सीआईडी ने आगे की जानकारी नहीं दी, ताकि जांच प्रभावित न हो। श्यामकानु महंता पूर्व डीजीपी भास्कर ज्योति महंता के छोटे भाई हैं। उनके एक अन्य भाई नानी गोपाल महंता असम के शिक्षा सलाहकार रह चुके हैं और अब गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति हैं।
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नकली वित्तीय लेन-देन के आरोप
एक सूत्र ने बताया कि श्यामकानु महंता ने अपने पहले के नौकरी में उत्तर पूर्वी विकास वित्त निगम लिमिटेड में असिस्टेंट जनरल मैनेजर रहते हुए 14 करोड़ रुपये के कर्ज में अनियमितताएं की थीं। इनमें से 8.42 करोड़ रुपये 2001 में और 6 करोड़ रुपये 2003 में दिए गए। इस कर्ज का कोई ईएमआई 2003 तक नहीं चुकाया गया और आंतरिक जांच शुरू हुई, लेकिन इसे पूरा नहीं किया गया। श्यामकानु महंता ने 2004 में एनईडीएफआई छोड़कर आईएलएंडएफएस में वाइस प्रेसिडेंट के रूप में काम किया और बाद में अपनी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ट्रेंड एमएमएस शुरू की।
गीतकार जुबीन गर्ग की मौत का मामला
जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर को सिंगापुर में हुआ, जहां वे पूर्वोत्तर भारत महोत्सव में भाग लेने गए थे, जिसे श्यामकानु महंता और उनकी कंपनी ट्रेंड एमएमएस ने आयोजित किया था। सीआईडी की जांच में महंता के घर और ऑफिस से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। इनमें पीएमजीएसवाई योजना के तहत असम और अरुणाचल प्रदेश में सड़क निर्माण से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हैं।
सीआईडी ने अब तक इस मामले में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें महंता और उनके करीब 10 अन्य सहयोगियों के खिलाफ अलग-अलग आरोप शामिल हैं। इस मामले की जांच के लिए सीआईडी ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जिसका नेतृत्व विशेष डीजीपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता कर रहे हैं। यह मामला न सिर्फ जुबीन गर्ग की मौत, बल्कि श्यामकानु महंता के कथित वित्तीय अपराधों और बेनामी संपत्तियों के संदर्भ में भी गंभीरता से देखा जा रहा है।