फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ED: 2005 में ईडी को गंभीर वित्तीय अपराधों की जांच की मिली शक्ति, 400 से अधिक को किया गया गिरफ्तार, अदालतों से सिर्फ 25 को मिली सजा

Thu, 09 Jun 2022 10:02 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईडी को 2002 में अमल लाए गए पीएमएलए के सख्त प्रावधानों को लागू करने के लिए एक जुलाई 2005 से सौंपा गया था। इन शक्तियों के तहत एजेंसी जांच के स्तर पर आरोपी को समन, गिरफ्तार और उसकी संपत्ति को अटैच कर सकती है।
विज्ञापन
ED
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से छापेमारी की खबरें आप कुछ दिन में जरूर पढ़ते-सुनते होंगे। बीते कुछ वर्षों से अपनी कार्रवाई को लेकर यह संगठन लगातार खूब चर्चाओं में रहा है। आइए इसके बारे में जानते हैं।
विज्ञापन


प्रवर्तन निदेशालय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग का हिस्सा है। प्रवर्तन का मतलब होता है बाध्य करना या लागू करना और निदेशालय का मतलब होता है ऐसा घर जहां से किसी कानून, विधि या उसके स्वरूप को बताया जाए। प्रवर्तन निदेशालय दो विशेष राजकोषीय कानूनों 'विदेशी मुद्रा अधिनियम,1999 (फेमा)' और धन की रोकधाम अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों को लागू करने का कार्य करता है। 

करीब सत्रह साल पहले साल 2005 में प्रवर्तन निदेशालय को गंभीर वित्तीय अपराधों की जांच की शक्ति दी गई थी। तब से लेकर अब तक ईडी ने 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि देश में मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में सिर्फ 25 लोगों को ही अदालतों के द्वारा सजा हुई है। 
विज्ञापन


आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत 5422 मामले या प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है। साथ ही मार्च 2022 तक संपत्तियों को अटैच करने के 1739 आदेश जारी किए जिसके तहत 1,04,702 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई।

ईडी को 2002 में अमल लाए गए पीएमएलए के सख्त प्रावधानों को लागू करने के लिए एक जुलाई 2005 से सौंपा गया था। इन शक्तियों के तहत एजेंसी जांच के स्तर पर आरोपी को समन, गिरफ्तार और उसकी संपत्ति को अटैच कर सकती है और अदालत के समक्ष अपराधियों के खिलाफ मुकदमा चला सकती है। 

992 आरोप पत्र दाखिल किए
आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने इस दौरान अदालतों के समक्ष 992 आरोप पत्र या अभियोजन शिकायतें दाखिल कीं। पीएमएलए के अमल में आने के 17 साल के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में 25 लोग ही अदालतों से सजा पाए हैं जबकि 400 लोग गिरफ्तार किए गए। 

अधिकारियों के अनुसार, जो लोग दोषी ठहराए गए उनमें ड्रग तस्करी, धोखाधड़ी से विदेश पैसा भेजने, आतंकी वित्तपोषण और सरकारी कोष में भ्रष्टाचार जैसे मामले शामिल हैं। 

1739 अस्थायी अटैचमेंट आदेशों में से 1369 की पुष्टि हुई
एजेंसी ने पीएमएलए के तहत संपत्तियों को अटैच करने के लिए 1739 अस्थायी आदेश जारी किए। पीएमएलए के न्यायाधिकरण द्वारा 1369 आदेश की पुष्टि की गई। इसके तहत 58,591 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गईं जबकि अस्थायी आदेश के तहत 1,04,702 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई थीं। 

हाईप्रोफाइल मामलों की भी की जांच
ईडी ने शीर्ष राजनीतिज्ञों, अफसरों, कारोबारी समूहों, कारपोरेट्स, विदेशी नागरिकों और अन्य के मामलों की भी जांच की। 

फेमा के तहत 30,716 मामलों की जांच शुरू की
ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत 31 मार्च तक 30,716 मामलों की जांच शुरू की। यह कानून 1973 के फेरा की जगह 1999 में लागू किया गया था। 

आंकड़ों के अनुसार, 15495 फेमा मामलों का निपटारा किया जबकि जांच के बाद 8109 मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इनमें से 6472 कारण बताओ नोटिसों पर फैसला सुनाया गया या अंतिम रूप दिया गया। 

माल्या, मोदी समेत नौ को घोषित किया गया आर्थिक अपराध भगोड़ा
एजेंसी ने विजय माल्या और नीरव मोदी समेत नौ लोगों को 2018 के आर्थिक अपराध भगोड़ा कानून के तहत आर्थिक अपराधी भगोड़ा घोषित किया जबकि 14 लोगों के लिए उसने इसकी मांग की थी।

31 करोड़ रुपये का विमान कुर्क
इस बीच ईडी ने कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) संजय सिंघल और अन्य लोगों के खिलाफ अपनी जांच के तहत लगभग 31 करोड़ रुपये का ‘विमान’ कुर्क किया है। ईडी ने धन शोधन रोधक कानून के तहत यह कार्रवाई की है। 

एजेंसी ने कहा कि ‘सेसना 525 एसीजे 2 प्लस’ विमान भूषण एयरवेज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है। इस कंपनी के मालिक सिंघल हैं। सिंघल और अन्य के खिलाफ ईडी ने धनशोधन का मामला अप्रैल, 2019 में दर्ज सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर बनाया है।

ईडी ने आरोप लगाया कि संजय सिंघल ने बीपीएसएल के ऋण को इधर-उधर कर अपराध की कमाई की है। इस तरह की अपराध की कमाई को विमान खरीदने और बाद में इस विमान की खरीद को लिए गए कर्ज के भुगतान में किया गया।

शक्ति भोग : मनी लॉन्ड्रिंग में 2.14 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की कंपनी शक्ति भोग के 3269 करोड़ रुपये के कथित बैंक कर्ज फर्जीवाड़े से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 2.14 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। ईडी ने बृहस्पतिवार को बताया कि मामले में आरोपी देवकी नंदन गर्ग, अशोक कुमार गोयल, महेश कुमार, देवेंद्र कुमार, अन्य कथित हवाला के एंट्री ऑपरेटर और सीए आरएन सराफ व रमेश गोयल की संपत्ति अटैच की है। आरोप है कि एंट्री ऑपरेटरों ने फर्जी बिल बनाकर दस बैंकों के समूह से फर्जीवाड़ा करने में मदद की।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें